योगी सरकार ने तैयार किया बेरोजगारों के लिए सुपर प्लान, यहां देखें

लखनऊ. कोरोना के खिलाफ जंग में लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक साथ कई मोर्चों का सामना करती दिख रही है. चाहे वह कोरोना जांच हों, प्रवासियों की घर वापसी हो, खाद्यान्न की व्यवस्था करनी हो, सुरक्षा का मसला हो या रोजगार से जुड़ी चुनौती, योगी सरकार सभी मोर्चों पर लगातार कोशिशें जारी रखे हुए है. इसी क्रम में अब सरकार ने यूपी में युवा उद्यमियों की फौज खड़ी करने की तैयारी कर ली है.

इसके तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना है कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में स्टार्टअप को नए विषय के तौर पर जोड़ा जाए. दरअसल सीएम योगी का फोकस है कि नौजवानों को ‘जाब सीकर’ नहीं ‘जाब प्रोवाइडर’ बनाया जाए.

सरकार स्टूडेंट्स को खुद का उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी. योजना ये है कि ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के फाइनल इयर में स्टूडेंट को एक साल की स्टडी लीव दी जाए. ताकि स्टडी लीव के दौरान स्टूडेंट इंटर्नशिप कर सकें. पहले साल प्रदेश के एक लाख स्टूडेंट्स को इस इंटर्नशिप प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा. इंटर्नशिप के दौरान स्टूडेंट्स को प्रतिमाह 2500 का भत्ता भी मिलेगा. इन छात्रों का प्रोजेक्ट वर्क पाठ्यक्रम का हिस्सा भी बनेगा.

सीएम योगी की उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को स्टार्टअप हब बनाने की कोशिश है. लक्ष्य है कि यूपी में 10 हजार से भी ज्यादा स्टार्टअप स्थापित हों. इसके लिए योगी सरकार ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) की मदद से कार्पस फंड भी बनाया है. हर जिले में स्टार्टअप इकाई बनेगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप फंड में सिडबी को 15 करोड़ की पहली किश्त भी सौंप दी है. इस दौरान प्रदेश सरकार और सिडबी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं. स्टूडेंट के अलावा बाहर से आए कामगार और श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यूपी को स्टार्टअप हब बनाने में भी सरकार जुटी हुई है.

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