मेरठ के मुस्लिमों ने कायम की सौहार्द की मिसाल, हिंदू भाई के निधन पर उठाई अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी, दिया अर्थी को कंधा

मेरठ। लॉकडाउन और रमजान के बीच मेरठ में मंगलवार को हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली। शहर के शाहपीर गेट क्षेत्र में कायस्थ धर्मशाला में रहने वाले हिंदू भाई का अचानक निधन होने पर मुस्लिम समाज ने आगे आकर न सिर्फ उनके अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां निभाईं बल्कि शव को कंधा भी दिया।

जानकारी के अनुसार शाहपीर गेट स्थित कायस्थ धर्मशाला में रमेश चंद माथुर का परिवार रहता है। उनके दो बेटे हैं।  एक उनके साथ ही रहता है, दूसरा दिल्ली में रहता है। रमेश की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी। बताया गया कि रमेश चंद माथुर लंबे समय से कायस्थ धर्मशाला में रहते हुए भगवान चित्रगुप्त के मंदिर की देखभाल भी कर रहे थे।मंगलवार को 65 वर्षीय रमेश का अचानक निधन हो गया। लॉकडाउन के चलते रमेश के अंतिम संस्कार में कोई परेशानी न आए इसके लिए मुस्लिम समाज आगे आया और उनके अंतिम संस्कार की हर चीज की व्यवस्था कराई।
वहीं, क्षेत्र निवासी अकील अंसारी ने गंगा मोटर कमेटी को फोन कर शव वाहन बुक किया और शव को अंतिम संस्कार स्थल तक लेजाने की व्यवस्था कराई। हालांकि किसी कारण शव वाहन क्षेत्र में नहीं पहुंचा तो मुस्लिम समाज के लोग शवयात्रा लेकर पैदल ही सूरजकुंड के लिए निकल पड़े। मुस्लिम समाज के तीस से भी ज्यादा लोग रमेश चंद माथुर की शवयात्रा में शामिल हुए और शवयात्रा को कांधा देकर सूरज कुंड तक पैदल ले गए। वहां पहुंचकर अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी कराईं। इस दृश्य को जिसने भी देखा वहीं प्रशंसा किए बिना नहीं रह सका। मुस्लिम समाज की इस पहल को हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की की बेहतरीन मिसाल माना जा रहा है।

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