अभी-अभी: मौसम विभाग की चेतावनी, देश के राज्य में चक्रवात की आशंका

नई दिल्ली। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर प्रदेश समेत मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मौस में बदलाव देखा गया। आम जन को गर्मी से राहत मिली, लेकिन आंधी-बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात से किसान निराश नजर आए। गेहूं, दलहनी फसलें भीग जाने के कारण चैपट हो गईं जबकि आम के बौर गिर गए। वहीं उत्तर प्रदेश में सोमवार को पांच लोगों की मौत हो गई। इस बीच, मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण अंडमान सागर पर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, इससे अगले 48 घंटे में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और इसके आसपास के इलाके में चक्रवात आने की आशंका पैदा हो गई है। कई राज्यों में बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा की दिशा में लगातार परिवर्तन हो रहा है। 29 अप्रैल तक मौसम सामान्य होने के आसार नहीं हैं। तेज आंधी और बारिश से उन्नाव में गेहूं और बिल्हौर में मक्का की कई एकड़ फसल चैपट हो गई है। कच्चे घरों की दीवारें ढहने से यूपी के उन्नाव के गांव टिकरिया में मलबे में दबकर दो महिलाओं व एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए।

दक्षिण अंडमान सागर पर कम दबाव का क्षेत्र से चक्रवात की आशंका 30 अप्रैल से 3 मई तक बनी रहेगी और यह नजदीकी समुद्री तटों को प्रभावित कर सकती है। भारतीय मौसम विभाग दबाव की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और बदलावों के बारे में समुद्र के किनारे के राज्यों की सरकारों को सूचना दे रही है। मछुआरों से कहा गया है कि वे समुद्र में न जाएं। तटों पर बसे लोगों को भी सुरक्षित ठिकाने तलाश लेने के लिए कहा गया है। फिलहाल चक्रवात की तीव्रता कम ही रहने की आशंका है। लेकिन इस स्थिति में आने वाले समय में बदलाव भी हो सकता है।

loading…