कचरे में पडे बैग उठा लाया परिवार, खोला तो मिले 7.5 करोड रुपये, देखते ही उड गए होश, फिर…

वाशिंगटन। कहते हैं कि ईमानदारी से बड़ी चीज कोई नहीं होती। अक्सर लोग इस मिसाल को सच साबित कर देते हैं, भले इन्हे इसकी कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पडे। ऐसी ही ईमानदारी की एक मिसाल एक परिवार ने कायम की है, जिसने 7.5 करोड रुपये की नकदी सही हाथों तक पहुंचाई। जब पूरी दुनिया की हालत कोरोना वायरस की वजह से खराब हो ऐसे में यह ईमानदार रहना और हिम्मत का काम है. एक अमेरिकी परिवार को सड़क के किनारे कचरे के ढेर में करोड़ों रुपये मिले. लेकिन उन्होंने उसे अपने पास रखने के बजाय पुलिस को सौंप दिया. अब उनकी इस ईमानदारी की चर्चा पूरे देश में हो रही है.

हुआ यूं कि वर्जीनिया के डेविड और एमिली शांट्ज कैरोलिन काउंटी स्थित अपने घर से बच्चों के साथ अपने पिकअप ट्रक में कहीं जा रहे थे. रास्ते में थोड़ी दूर जाने के बाद उन्हें सड़क किनारे एक कचरे के ढेर में दो बैग दिखाई दिए. डेविड ने गाड़ी रोकी और बैग उठाकर देखा. उसपर सरकारी मुहर लगी हुई थी. जो अमेरिकी डाक विभाग की थी. डेविड ने बैग उठाकर गाड़ी में डाल लिया और चल पड़े. डेविड घूमने के बाद जब अपने घर पहुंचे तब उन्होंने बैग खोलकर देखा. उसके अंदर प्लास्टिक की थैलियों में एक मिलियन डॉलर यानी करीब 7.50 करोड़ रुपये रखे थे. प्लास्टिक की थैलियों के ऊपर कैश वॉल्ट लिखा था.
उसके बाद उन्होंने कैरोलिन काउंटी पुलिस को इस बारे में सूचना दी. थोड़ी देर में पुलिस की टीम उनके घर पहुंची. कैरोलिन शेरिफ मेजर स्कॉट मोजर ने बताया कि हम पता कर रहे हैं कि आखिरकार ये पैसे सड़क पर कैसे पहुंचे.
मोजर ने बताया कि कोरोना के इस दौर में डेविड और एमिली की ईमानदारी लोगों के लिए उदाहरण है. उन्होंने किसी के पैसे बचाए हैं. साथ ही किसी को मुसीबत में जाने से रोक दिया है. मेजर स्कॉट मोजर ने बताया कि ये बैग अमेरिकी डाक विभाग के हैं. उनके अंदर प्लास्टिक की थैलियों में करीब 1 मिलियन डॉलर रखे थे. ये धनराशि किसी बैंक में डिपोजिट होने के लिए जा रही थी.

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