अभी-अभीः चीन से तनाव के बीच भारत सरकार ने दिया ये बडा और सख्त बयान…

नई दिल्ली। लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनातनी बढती ही जा रही है। कई दिनों से जारी तनातनी के बीच हालात गंभीर होते जा रहे हैं, ऐसे में भारत सरकार इस मामले में किसी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। भारतीय और चीनी सेना के बीच लद्दाख क्षेत्र में तनातनी को लेकर विदेश मंत्रालय ने बड़ा बयान दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सैनिक सीमा क्षेत्र से भली-भांति परिचित हैं, चीनी सैनिकों ने भारतीय बलों द्वारा की जा रही गश्त में बाधा डाली है. भारतीय सैनिक भारत की सीमा के भीतर ही गतिविधियां कर रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं, हम चीन के साथ लगी सीमा पर शांति बनाए रखने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
नेपाल द्वारा जारी विवादित नक्शे पर श्रीवास्तव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “नेपाल के साथ सीमा से जुड़े सभी मामलों को बातचीत के जरिये सुलझाया जाएगा. हमें उम्मीद है कि नेपाल का राजनीतिक नेतृत्व बातचीत के लिए सकारात्मक माहौल पैदा करेगा.“ भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम अगले कदम के लिए यूके के संपर्क में है. इसी बीच ऐसी खबरें आ रही हैं कि चीन ने लद्दाख सीमा (एलएसी) पर अपनी गतिविधियों को बढ़ा दिया है. चीन ने पैंगोग शो झील के पास ज्यादा बोट उतार दिए हैं. इसके साथ ही चीन ने यहां पेट्रोलिंग को भी बढ़ा दिया है. चीन पेइचिंग लद्दाख में भारत के निर्माण कार्यों को भी रोकने की कोशिश कर रहा है. बताया जाता है कि चीनी हेलिकॉप्टरों को विवादित सीमा और सिक्किम में सैनिकों के बीच झड़प वाले इलाके के करीब देखा गया था. चीन बीजिंग से लगी सीमा पर काफी आक्रामक होता जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना की ओर से भी सीमा पर सख्ती और पेट्रोलिंग बढ़ा गई है.

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