राजस्थान में युवती ने की खुदकुशी, तीन लोगों ने मिलकर किया था गैंगरेप

चूरू। प्रदेश में महिलाओं व युवतियों के साथ बलात्कार करने वाले अपराधियों की हौंसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब इससे आहत युवतियों को खुदकुशी ही एकमात्र विकल्प के रूप में दिखाई देने लगा है। प्रदेश के चुरू जिले में गैंगरेप से जुड़ी ऐसी ही सनसनीखेज खबर सामने आई हैं। जिले की राजगढ़ तहसील के गांव सांखणताल में गैंगरेप का शिकार हुई करीब 18 साल की युवती ने फांसी के फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। युवती का शव उसके दादा के घर में पंखे से झुलता मिला।

मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार 24 जुलाई को अनुसूचित जाति की एक युवती को तीन जनों ने अपनी हवस का शिकार बना डाला था, जिससे आहत हुई युवती ने शनिवार को अपनी जान दे दी। हमीरवास थाने में मृतका के ताऊ की ओर से तीन जनों पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 18 साल युवती शुक्रवार रात खाना खाने के बाद अपने घर में माता पिता के पास चौक में सोई थी। रात को डेढ़ बजे बिजली जाने पर घर जब परिवार के लोग उठे, तो बालिका चारपाई पर नहीं मिली। इस पर परिजनों ने मिलकर उसकी तलाश की तो युवती शीशराम कोठारी के मकान में मिली। घरवाले जब वहां पहुंचे तो गांव का मुकेश मेघवाल, अनिल जाट तथा खाजपुर नया का विकास मेघवाल उस मकान से निकलकर फरार हो गए। परिजनों ने मकान में घुसकर देखा तो बालिका बदहाल स्थिति में थी।

सादुलपुर डीएसपी रामप्रताप बिश्नोई ने बताया कि शनिवार को पीडित के परिजन और आरोपियों व उनके परिजनों के साथ पंचायत में मशरूफ थे। पीछे से आहत बालिका ने अपने बड़े दादा के घर जाकर पंखे के हुक में अपनी चुन्नी से फंदा बना कर फांसी लगा ली। घरवालों को जब इसकी जानकारी मिली तो वह उसे तत्काल निकटवर्ती मंड्रेला के एक हॉस्पिटल में ले गए, मगर तब तक बालिका दम तोड़ चुकी थी। इस घटना का मुकदमा हमीरवास थाने में मुकेश मेघवाल, अनिल जाट तथा विकास मेघवाल के खिलाफ दर्ज हुआ है। मृतका का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

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