राजस्थान के इन स्कूलों में दाखिले के लिए उमड़ी बच्चों की भीड़, जानिए वजह

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक सपना देखा और वो था कि, हर तबके के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले. इसी सपने को साकार करने के लिए सत्र 2019-20 में प्रदेश के सभी 33 जिलों में एक-एक महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की शुरूआत हुई.

पहले साल की सफलता के बाद इस साल 167 नए स्कूलों को खोलने का फैसला लिया गया, जिसके बाद अब इन स्कूलों में शिक्षकों के साक्षात्कार की प्रक्रिया चल रही है. साथ ही, जल्द ही इन स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी. लेकिन राजधानी जयपुर के मानसरोवर स्थित कावेरी पथ में पिछले साल महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोला गया और एक साल में ही स्कूल ने ऊंचाइयां छू ली है.

कक्षा 1 में 30 सीटों पर जहां 150 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए तो वहीं, कक्षा 2 से 9 वीं की 61 सीटों पर 577 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं. कक्षा 1 से कक्षा 9वीं तक होने वाले प्रवेश को लेकर सोमवार को स्कूल में परिजनों की मौजूदगी में लॉटरी निकाली.

लॉटरी निकालने से पहले स्कूल प्रिंसिपल अनू चौधरी ने स्कूल की उपलब्धियों को परिजनों के साथ साझा किया, तो वहीं परिजनों की मौजूदगी में प्रिंसिपल अनू चौधरी ने ही लॉटरी निकाली. प्रिंसीपल अनू चौधरी ने कहा कि, एक साल में ही स्कूल ने बहुत ज्यादा ख्याती प्राप्त कर ली है. दूर-दराज से भी अच्छी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के आवेदन भी कक्षा 9वीं तक बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए.

बता दें कि, अशोक गहलोत सरकार लगातार शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है. बीते दिनों राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने भी एक समारोह में भामाशाहों का धन्यवाद देते हुए कहा था कि, आज प्रदेश की शिक्षा देश में दूसरे पायदान पर हैं, तो इसमें राज्य सरकार के साथ भामाशाहों का भी बहुत बड़ा योगदान है.

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि, स्मार्ट क्लासरूम, वह कंप्यूटर लैब जैसी तकनीकी सुविधाएं राजकीय विद्यालय में उपलब्ध करवाई जा रही है. महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है.

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