बड़ी खबर: राजस्थान के अफसरों से गहलोत नाराज, इन पर गिर सकती है गाज

जयपुर. कोरोना वायरस की रोकथाम बेहतर तरीके से नहीं करने और प्रवासी मजदूरों की होम क्‍वारंटाइन व्यवस्थाओं में हुई लापरवाही से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बेहद नाराज हैं. कलेक्‍टरों की लापरवाही के चलते कई जिलों में कोरोना वायरस विस्फोट हुआ है. सूत्रों के अनुसार, इसकी गाज कई कलेक्‍टरों पर गिर सकती है. जून महीने के पहले सप्ताह में आधा दर्जन जिलों के कलेक्‍टर बदले जा सकते हैं, जबकि विभागों के सेक्रेटरी और अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों का भी तबादला संभव है.

मुख्यमंत्री राजस्थान समेत अन्य राज्यों में फंसे प्रवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए नियुक्त किए नोडल अधिकारियों की कार्यशैली से बेहद नाराज बताए जा रहे हैं. अधिकारियों की अनिच्छा से काम करने की प्रवृत्ति के चलते सरकार की फजीहत हुई है. सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार आधा दर्जन जिलों के कलेक्‍टर बदल सकती है. कोटा, अजमेर, जोधपुर, अलवर और जयपुर के डीएम कोराना के बढ़ते मामलों पर लगाम नहीं लगा पाए. इन जिलों में सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का भी बेहतरीन ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पाया. अधिकारियों की अनिच्छा से काम करने की प्रवृत्ति के चलते इन जिलों में कोरोना विस्फोट हो गया. मुख्यमंत्री इस बात से भी नाराज हैं कि प्रवासी मजदूरों को लाने और भेजने में भी लापरवाही बरती जा रही है.

राज्य सरकार ने अन्य राज्यों में फंसे राजस्थानियों को अपने राज्य में लाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, लेकिन प्रवासियों की शिकायत है कि सरकार द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं. फोन न उठाने के कारण समय पर सटीक सूचना नहीं मिल पाती है, जिसके चलते उनकी वापसी में समय लगा. मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे काफी गंभीरता से लिया है.

सूत्रों की मानें तो सचिवालय स्तर पर भी विभागों के सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव बदले जा सकते हैं. मुख्य सचिव के समक्ष दो आला अफसरों के बीच तीखी नोकझोंक को सीएमओ ने गंभीरता से लिया है. ग्रामीण पंचायती राज विभाग में दो आईएएस के बीच अधिकारों को लेकर टकराव की नौबत आ गई थी. पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह ने आईएएस आरुषि अजय मलिक के पावर सील करने के आदेश जारी कर दिए थे. अधिकारों के टकराव को लेकर एसीएस मेडिकल और एसीएस होम के बीच भी नोकझोंक हो चुकी है.

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