अभी-अभी: राजस्थान के 3 महीने के बिजली बिल होंगे माफ? आई ऐसी खबर

जयपुर। राजस्थान से प्रवासी मजदूरों को कांग्रेस की बसों से उत्तर प्रदेश भिजवाने के मामले में शुरू हुई ‘बस पॉलिटिक्स’ के बाद कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की बिजली बिल माफी की मांग पर अब ‘बिल पॉलिटिक्स’ शुरू हो गई है। यूपी में की योगी आदित्‍यनाथ सरकार से प्रियंका गांधी ने बिजली बिल माफ करने की मांग की तो राजस्थान बीजेपी ने उन्हें प्रदेश की गहलोत सरकार को भी इस बाबत एक चिट्‌टी लिखने का कह दिया।

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने यूपी की ‘बस पॉलिटिक्स’ पर तंज कसते हुए कहा, ‘बस बस बस बहुत हो गया, मजदूर आपकी बस में बैठकर सुरक्षित पहुंच भी गये होंगे, अब एक पत्र बिजली माफी का अशोक गहलोत को लिख दो। केवल तीन महीनों का माफ करवा दीजिये’। उधर, सांसद दीया कुमारी ने तो गहलोत सरकार पर वादा खिलाफी तक का आरोप लगा दिया है।

बिल नहीं चुकाया तो राजस्थान में देनी होगी पेनल्टी
राजस्थान में कोरोना संकटकाल के दौरान फिलहाल 3 महीने के बिजली के बिल स्थिगित कर दिए थे लेकिन हाल ही गहलोत सरकार ने 31 मई तक पिछला पूरा भुगतान नहीं करने पर 2 फीसदी पेनल्टी लगाने का फरमान जारी किया है। राजस्थान के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इसे आमजन के साथ सरकार का मजाक करार दिया है। उन्होंने कहा है कि 3 महीने के बिजली के बिल माफ करने के बजाय उल्टा उनके साथ ब्याज और पेनल्टी वसूलने का आदेश आमजन के जख्मों पर नमक छिड़कना है।

उधर, कोटा से उत्तर प्रदेश भेजे गए छात्रों के लिए राजस्थान सरकार की ओर से योगी सरकार से 36 लाख रुपये किराया मांगाे जाने के बाद उत्तर प्रदेश में बस पॉलिटिक्स पार्ट-2 शुरू हो चुका है। यूपी सरकार के अनुसार कोटा से छात्रों को लाते समय रास्ते में बस का डीजल खत्म हो गया तो आधी रात को यूपी सरकार से 19 लाख रुपये वसूले गए, तब बसों को डीजल दिया गया। वहीं, राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा के उन सभी आरोपों का खंडन किया है जिनमें कहा गया कि कोटा के छात्रों को यूपी वापस भेजने के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार ने यूपी सरकार से 19 लाख रुपए लिए थे।

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