अभी-अभी: बिना आलाकमान से मिले वापस लौटे पायलट, कर सकते हैं…

जयपुर। प्रदेश की सियासी हलचलों के बीच फिलहाल कुछ भी साफ होता नहीं दिखाई दे रहा है। जहां जयपुर में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। वहीं इसी बीच बीते चार दिनों से दिल्ली में बैठे पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के आज जयपुर पहुंचने की संभावनाएं जताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार सचिन पायलट की प्रियंका गांधी से मुलाकात नहीं हो सकी, ऐसा इसलिए क्योंकि वे शिमला में हैं। लिहाजा ताजा जानकारी यही है कि सचिन पायलट अब मुलाकात ही जयपुर लौट रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को पायलट एआईसीसी के सचिव काजी निजामुद्दीन से मिलने हरिद्वार जाएंगे। पिछले दिनों काजी की मां का देहांत हो गया था। इसके बाद वहीं से सीधे जयपुर के लिए रवाना होंगे।

पायलट समर्थक है निराशा- नाराजगी
दरअसल सचिन पायलट की कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात ना होना चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पायलट समर्थकों में इस बात को लेकर निराशा है। वहीं इस बात की चर्चा कि राजस्थान कांग्रेस में मची कहल को थामने के लिए शीर्ष स्तर पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई दे रही, उनकी नाराजगी को बढ़ा रही है। फिलहाल पायलट समर्थकों की मांग पूरी ना होना पाना और कैबिनेट विस्तार जैसे मुद्दों को हल ना होना , पायलट समर्थकों के मन में बैचेनी पैदा किए हुए हैं।

सबसे बड़ा मुद्दा , 10 महीने में नहीं निकल सुलह कमेटी का फैसला
दरअसल सचिन पायलट से लेकर उनके समर्थकों तक सबसे ज्यादा इसी बात को लेकर चर्चा है कि उनकी वापसी के दौरान बनाई गई तीन सदस्यीय सुलह कमेटी की ओर से अभी तक मुद्दों पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। ना ही आलाकमान की ओर से इस पर दिलचस्पी दिखाई दी। हाल ही सचिन पायलट ने भी अपने एक बयान में इसका जिक्र किया था। जानकारों की मानें, तो सचिन चाहते है कि जल्द से जल्द कमेटी इस मामले में अपनी रिपोर्ट पेश करें, ताकि उनके समर्थकों का विश्वास बढ़ाया जाए। आपको बता दें पंजाब के मामले में आलाकमान ने कमेटी भी गठित की व 10 दिन में कमेटी से रिपोर्ट भी ले ली। हालांकि रिपोर्ट पर अब तक कोई एक्शन नहीं हुआ है।

गहलोत ने दिए संकेत , नहीं होगा कैबिनेट विस्तार
इधर सीएम गहलोत के सोमवार को जारी बयान ने एक बार फिर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। दरअसल अशोक गहलोत ने अपने बयान में कहा है कि कोविड-19 संक्रमित होने के बाद से उनको पोस्ट कोविड की सावधानियों को देखते हुए डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी है कि 1-2 महीने उन्हें किसी से भी व्यक्तिगत मुलाकात करने से बचना चाहिए। सीएम गहलोत के इस बयान के अब संकेत निकाले जा रहे हैं कि फिलहाल कैबिनेट विस्तार मुश्किल है, क्योंकि उसके लिए गहलोत का बाहर निकलना जरूरी है, लिहाजा माना जा रहा है कि फिलहाल कैबिनेट विस्तार होना संभव नहीं है।

पायलट समर्थक हरीश मीना ने कहा- पूर्वी राजस्थान से सबसे ज्यादा सीट, मंत्री नहीं
सियासी घमासान और तकरारों के बीच पायलट समर्थक हरीश मीणा का बयान भी चर्चा बटोर रही है। हरीश मीना ने कहा कि कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटें जिताने वाले पूर्वी राजस्थान में विधायकों की सुनवाई नहीं हो रही है। अफसर मनमानी कर रहे हैं और अफसर राज चल रहा है। हम सचिन पायलट के साथ हैं और रहेंगे ,लेकिन पायलट के साथ होने का मतलब कांग्रेस के खिलाफ होना नहीं है । उन्होंने कहा कि जिस पूर्वी राजस्थान से सबसे ज्यादा सीटें कांग्रेस ने जीती है वहीं से आज एक भी कैबिनेट मंत्री नहीं है। लिहाजा अभी जो गतिरोध चल रहा है उसका जल्द से जल्द समाधान निकालना जरूरी है।