अभी-अभी: गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, अब गेहूं की जगह मिलेगा…

जयपुर: राज्य सरकार ने लोगों की जरूरत को देखते हुए जयपुर शहर सहित पूरे प्रदेश में कर्फ्यू ग्रस्त इलाकों में गेहूं की जगह आटा देने की व्यवस्था की है. कर्फ्यूग्रस्त और लॉकडाउन के दौरान चक्की बंद होने के कारण गेहूं पिसाने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था.

इस समस्या को समाधान करते हुए जिला कलेक्टर के स्तर पर एनएफएसए लाभार्थियों को गेहूं की जगह आटा देने की व्यवस्था की गई. जयपुर शहर में कर्फ्यू ग्रस्त इलाकों की करीब 180 दुकानों पर खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को अब प्रति यूनिट 10 किलो गेहूं की जगह आटा मिलने लगा है.

दरअसल, जयपुर शहर के चारदीवारी में कर्फ्यू ग्रस्त क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोगों को गेहूं पिसाने में दिक्कतें आ रही थी. आखिर गेहूं पिसवाने के लिए कहां जाएं? ऐसे में राशन कार्ड धारकों की मांग है कि उन्हें गेहूं की जगह आटा ही उपलब्ध कराया जाए ताकि सहूलियत मिल सके.

खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आटा मिलों द्वारा गेंहू की पिसाई कर प्रति किलो अधिकतम 100 ग्राम छीजत काटते हुए गेंहू की मात्रा के बदले आटा उपलब्ध करवाया जा रहा है. आटा मिलों द्वारा 10, 20, 25 और 50 किलो की पैकिंग तैयार करवाई गई है. लाभार्थी को उसकी पात्रता के अनुसार देय गेंहू की मात्रा में से अनुपातिक छीजत कम करते हुए निर्धारित प्रक्रिया अनुसार आटे का वितरण हो रहा है. गेंहू की मांग की जाए तो उसे गेंहू ही उपलब्धता कराई जा रही है.

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