अभी-अभीः लाॅकडउान पर सीएम गहलोत का बडा बयान, 3 मई के बाद राजस्थान में…

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल होने के बाद लॉकडाउन और अन्य सेवाओं कों लेकर उठे सवालों पर विस्तार से जवाब दिया है। गहलोत ने कहा है कि कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए यूं तो सभी राज्य केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार ही काम कर रहे हैं और उनके निर्देशों को पालन कर रहे हैं लेकिन सभी राज्यों की भौगोलिक स्थिति और कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति अलग-अलग है। ऐसे में राज्य सरकारें भी अपने यहां लॉकडाउन या कोरोना से जंग को लेकर केंद्र को अपने सुझाव देती हैं। इसी तरह राजस्थान सरकार ने भी अपने सुझाव और रणनीति से पीएम मोदी को अवगत कराया है। पीएम मोदी ने प्रदेश में लॉकडाउन के दाैरान किए गए नवाचारों की तारीफ भी की है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने बताया कि लॉकडाउन-2 यानी मॉडिफाइड लॉकडाउन में ही राजस्थान में कोरोना संक्रमण से मुक्त इलाकों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। हॉटस्पॉट इलाकों को छोड़ दुकानें खोलने पर पाबंदी हटा दी गई है। शहर के बाहरी इलाकों में फैक्ट्रियां शुरू करने की छूट है और प्रवासी लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष परिवहन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि 3 मई के बाद प्रदेश में रेड, ग्रीन और यलो जोन के रूप में तीन स्तरीय व्यवस्था होगी। इस पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार लिया जाएगा।

सीएम गहलोत ने बताया कि सब राज्यों में अलग-अलग समस्या और कोरोना की अलग स्थिति है। राजस्थान चाहेगा कि 3 तारीख को जो गाडलाइन केंद्र से मिलेगी उसी आधार पर आगे की रणनीति बनेगी। उन्होंने बताया कि मॉडिफाइड लॉकडाउन में प्रदेश सरकार की ओर से दी गई छूट के चलते अब तक 281 क्षेत्रों में 7000 इकाई शुरू हो चुकी हैं। 45-50 हजार मजदूर काम पर लौट आए हैं। दुकानें खुल गई हैं और कामधंधे शुरू हो गए हैं।

प्रदेश में 3 मई के बाद की प्लानिंग पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण वाले हॉटस्पॉट इलाकों में सर्वे, स्क्रीनिंग का काम 3 मई के बाद भी जारी रहेगा। हालांकि अन्य स्थानों पर पॉलिसी अलग होगी। हालांकि प्रदेशभर में मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिग की पालना जरूरी होगी।

गहलोत ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंस के दौरान पीएम ने कहा था कि जो राज्य अपनी बात लिखकर देना चाहे वो भेज दें। इसके बाद गहलोत अब एक 15 सूत्री पत्र पीएम को भेज रहे हैं। इसमें 20 लाख करोड़ रुपए तक का पैकेज की मांग, लोन की सीमा बढ़ाने समेत अन्य सुझाव भी होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सुझाव आते हैं उन सुझावों को आलोचना या अन्यथा नहीं लेना चाहिए।

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