किसानों के बवाल के बाद पंजाब सीएम अमरिंदर सिंह ने किसानों से की ये बडी अपील…

नई दिल्ली। दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर परेड ने हिंसक रूप ले लिया जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। लाल किला पर भी किसानों ने अपने झंडे फहराए हैं। दिल्ली में आज गणतंत्र दिवस के दिन हुआ बवाल के बाद राजनीति गर्म हो गई है और अलग-अलग पार्टी के नेता इस परेड को अपने-अपने हिसाब से बयां कर रहे हैं।
दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर परेड के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने किसानों से अनुरोध करते हुए कहा है कि वे दिल्ली को खाली कर दें और बॉर्डर पर वापस लौट आएं। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा था कि किसानों की मांगों को स्वीकार कर लिया जाए। अमरिंदर सिंह ने कहा, ’दिल्ली में चौंकाने वाले दृश्य  है। कुछ तत्वों द्वारा हिंसा अस्वीकार्य है। यह शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे किसानों द्वारा उत्पन्न सद्भावना को नकार देगा। मैं सभी वास्तविक किसानों से दिल्ली को खाली करने और सीमाओं पर लौटने का आग्रह करता हूं।’
दिल्ली में प्रदर्शन के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि दिल्ली में सरकार चाहती तो हिंसा रोक सकती थी। उन्होंने आगे कहा कि क्या सरकार इसी दिन का इंतजार कर रही थी। संजय राउत ने ट्वीट करके कहा, ’अगर सरकार चाहती तो आजकी हिंसा रोक सकती थी। दिल्ली में जो चल रहा है उसका समर्थन कोई नहीं कर सकता। कोई भी हो लाल किला और तिरंगे का अपमान सहन नहीं करेंगे, लेकिन माहौल क्यूं बिगड़ गया? सरकार किसान विरोधी कानून रद्द क्यूं नहीं कर रही? क्या कोई अदृश्य हाथ राजनीति कर रहा है? जय हिंद’ संजय राउत ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ’क्या सरकार इसी दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही थी? सरकार ने आखिरी तक लाखों किसानों की बात नहीं सुनी। ये किस टाइप का लोकतंत्र हमारे देश में पनप रहा है? ये लोकतंत्र नहीं भाई। कुछ और ही चल रहा है। जय हिंद’
पूर्व केंद्रीय मंत्री एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी दिल्ली में किसानों की रैली को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ’पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने अनुशासित तरीके से विरोध किया, लेकिन सरकार ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। संयम समाप्त होते ही, ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। केंद्र सरकार की जिम्मेदारी कानून और व्यवस्था को नियंत्रण में रखने की थी, लेकिन वे विफल रहे।’

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