शामली में एक साथ जलीं सिपाही, पत्नी और बेटे की चिताएं तो रो पडे लोग, गमगीन हुआ माहौल, देखें तस्वीरें

शामली। जनपद शाहजहांपुर से ट्रांसफर होकर मेरठ जा रहे सिपाही की हादसे में हुई मौत के बाद सिपाही सहित पत्नी और उनके बेटे का शव उनके पैतृक गांव लांक लाया गया। तीन शव एक साथ देख परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में सिपाही और उनकी पत्नी तथा बेटे के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शाहजहांपुर पुलिस ने सलामी दी, जिसके बाद बड़े भाई के बेटे रोहित कुमार ने चिता को मुखाग्नि दी।


गत रविवार सवेरे शामली कोतवाली क्षेत्र के गांव लांक निवासी सिपाही अजय कुमार पुत्र धर्मपाल सिंह अपनी पत्नी अनुपमा, बेटे विशेष जबकि बेटियां वर्तिका और परी के साथ शाहजहांपुर से ट्रांसफर होकर मेरठ जा रहे थे। इसी दौरान मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र में डीसीएम व ट्रक की टक्कर होने से सिपाही उसकी पत्नी और बेटे की मौत हो गई थी।

सोमवार को तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांव लांक लाया गया। जहां शव को देख परिजनों में कोहराम मच गया। एक ही परिवार के तीन तीन शव देख हर किसी की आंखे नम थी। इस दौरान गांव तथा आसपास क्षेत्रों से सैकडों लोग सिपाही तथा उसके परिवार का अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। एक ही परिवार की तीन अर्थियां जैसे ही घर से निकली तो गांव में कोराम मच गया।

सिपाही तथा उनके पत्नी सहित पुत्र के शव का गांव के ही शमशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार से पूर्व सीओ शाहजहांनपुर नवनीत कुमार नायक ने नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने मृतक सिपाही को सलामी दी। इस दौरान शहर विधायक तेजेन्द्र निर्वाल, एमएलसी विरेन्द्र सिंह, लोकेन्द्र लांक, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह मलिक, ग्राम प्रधान बाबूराम सहित खाप चौधरियों ने भी पहुंचकर मृतक सिपाही को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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