मुजफ्फरनगर में पेट्रोल पंप मालिक से मांगी 10 लाख की रंगदारी, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा


मुजफ्फरनगर। जनपद के रतनपुरी थाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप मालिक से रोहित सांडू गैंग के नाम पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पेट्रोल पंप मालिक के ही रिश्तेदार हैं।
ख़तौली बुढाना मार्ग स्थित गांव सटेढ़ी में शगुन पेट्रोल पंप के संचालक संतीश पुत्र सतपाल ने रतनपुरी थाने पहुचकर एसओ राजेंद्र गिरी को तहरीर देकर बताया था कि 27 जुलाई को वो अपने पेट्रोल पंप पर बैठा था। इस दौरान उसके मोबाइल फोन पर किसी अनजान नम्बर से एक काल आयी जिस पर एक युवक बोल रहा था। सतीश ने पुलिस को बताया था। युवक ने थोड़ी देर बात करने के बाद खुद को मृतक बदमाश रोहित सांडू गैंग का सदस्य बताया और मुझसे दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। पीड़ित सतीश ने बताया कि बदमाश ने उसे घटना के बारे में पुलिस को बताने पर और रंगदारी की रकम नही देने पर जान से मारने की धमकी दी है। पीड़ित पंप संचालक की तहरीर लेकर पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नम्बर को सर्विलांस पर लगाकर मामले की गहनता से जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। उधर रंगदारी मांगने की धमकी से पंप संचालक के परिजनों में दहशत पसर गयी थी। रविवार को घटना का खुलासा करते हुए रतनपुरी एसओ राजेंद्र गिरी ने पत्रकारों को बताया कि पंप संचालक से रंगदारी मांगने वाले बदमाश उसके रिस्तेदार ही थे। जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। एसओ ने बताया कि संजीव उर्फ पोनी पुत्र रमेश निवासी गांव बड़ौदा बुढाना जो पंप संचालक का भांजा लगता है। इसने पंप संचालक का फोन नम्बर उपलब्ध कराया था। हिमांशु पुत्र सुरेश निवासी पलड़ी थाना दोघट बागपत, हाल निवासी द्वारिका गार्डन उत्तम नगर दिल्ली, रमेश राजपूत उर्फ जौनी पुत्र जसवंत सिंह निवासी गांव लाडपुर ख़तौली तीनों 27 जुलाई को दिल्ली में एक होटल में थे। जहा से तीनों ने योजना बनाकर पंप संचालक सतीश से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। जिस सिम से यूवकों ने फोन किया था। वो नम्बर संभल निवासी नेंन सिंह के नाम पर था। जिसे हिमांशु ने उपलब्ध कराया था। एसओ ने बताया कि रमेश राजपूत ने अपनी आवाज में पंप संचालक से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। और मृतक बदमाश रोहित सांडू के गैंग का नाम लेकर पंप संचालक पर दबाव बनाया था।पुलिस ने भाग दौड़ कर तीनों यूवकों को दिल्ली से गिरफ्तार कर उनसे कड़ी पूछताछ करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया है। एसओ ने बताया कि रंगदारी मांगने वाले आपस मे ही रिस्तेदार है। और पेट्रोल पंप संचालक सतीश के भी रिस्तेदार लगते है।

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