मुजफ्फरनगर के अभिभावकों ने भी फीस माफी को लेकर उठाई आवाज, निजी स्कूलों के पक्ष में आदेश जारी करने का आरोप


मुजफ्फरनगर। ऑल इण्डिया पेरेन्ट्स एसोसिएशन के तत्वावधान में छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा शासनादेश की अनदेखी कर निजी स्कूलों के पक्ष में लिखित आदेश जारी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने डीआईओएस द्वारा जारी आदेश को जनता विरोधी बताया। साथ ही जिलाधिकारी से इस मामले को संज्ञान लेकर जन सामान्य के पक्ष में निर्णय लेने की मांग की। इस मामले में एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी प्रशासन को सौंपा गया।
अभिभावकों ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित सिंह को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि गत सात अप्रैल 2020 को प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) लॉक-डाउन की अवधि में शुल्क न लिये जाने के सम्बंध में शासनादेश जारी किया था। इसमें बिंदु संख्या-04 में स्पष्ट उल्लेखित है कि कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत लॉक-डापउन के कारण अनेको छात्रों के अभिभावकों के कारोबार एवं रोजगार भी प्रभावित हुए हैं। ऐसी स्थिति में उनके द्वारा शुल्क जमा किया जाना सम्भव नहीं हो पा रहा है। यदि आपदा की अवधि में शुल्क को स्थगित किये जाने का अनुरोध अभिभावकों द्वारा किया जाये तो विद्यालय प्रबंधक व प्रधानाचार्य द्वारा आपदा को दृष्टिगत शुल्क को स्थगित करने पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाये। प्रदर्शनकारी अभिभावकों ने बताया कि वर्तमान समय में व्यापार ठप है, जिस कारण अभिभावकों द्वारा फीस जमा कराया जाना संभव नहीं हो पा रहा है, लेकिन शासनादेश जारी होने के बाद भी स्कूल प्रबंधक लगातार अभिभावकों पर फीस जमा कराये जाने का दबाव बना हरे है, जो कि एक सामान्य प्रक्रिया है। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा शासनादेशी की अनदेखी कर इंडीपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के पक्ष में लिखित आदेश जारी करना उचित नहीं है। अभिभावकों ने डीआईओएस द्वारा जारी आदेश को जनता विरोधी बताते हुए डीएम से संज्ञान लेकर जन सामान्य के पक्ष में निर्णय लिये जाने की मांग की। प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने वालों में उमंग वत्स, पंकज त्यागी, श्रवण सोम, अंकुश गुप्ता, डा. मुकेश गुप्ता, चारु माहेश्वरी, कमल गुप्ता, उपेन्द्र शर्मा आदि शामिल रहे।