शामली में रक्तदान शिविर का आयोजन, विधायक तेजेन्द्र निर्वाल ने किया उद्घाटन

शामली। रविवार को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जन जीवन कल्याण समिति एवं राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा शहर के कैराना रोड स्थित शामली चैरिटेबल ब्लड बैंक पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें करीब 30 लोगों ने पहुंचकर रक्तदान किया और लोगों को भी रक्तदान के प्रति प्रेरित किया है।
रविवार को शहर के कैराना रोड स्थित शामली चैरिटेबल ब्लक बैंक पर जन जीवन कल्याण समिति एवं राष्ट्रीय सेवा योजना वीवी इंटर कालेज ईकाई द्वारा विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ शहर विधायक तेजेन्द्र निर्वाल एवं भाजपा जिलाध्यक्ष सतेन्द्र तोमर ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर चैरिटेबल ब्लक बैंक के प्रबंधक ज्वाहरलाल नर्वाल ने बताया कि विश्व रक्तदाता दिवस भारत में ही नही बल्कि पूरी दुनिया में बनाया जाता है। रक्तदान करने से किसी की जिंदगी को बचाया जा सकता है। रक्तदान एक महादान है, जिसको 18 वर्ष से 65 वर्ष के सभी लोगों को करना चाहिए। मौके पर विधायक तेजेन्द्र निर्वाल ने कहा कि अपने लिए तो समाज में सभी जी रहे है, लेकिन व्यक्ति होने के मायने तभी है, जब समाज में उसकी उपयोगिता हो। वास्तव में दूसरों के काम आने से बडा कोई पुण्य धरती पर नही है। इस कार्य के लिए रक्तदान से बडा महादान कोई नही है। इस दौरान करीब 30 लोगों ने पहुचंकर रक्तदान किया। मौके पर कार्यक्रम संयोजक अनुराग शर्मा, डा. अभिषेक खेडा मेडिकल ऑफिसर, रीचा रानी मैनेजर, वरिष्ठ पत्रकार रवि जागलान, अजय कुमार, सुबोध कुमार आदि मौजूद रहे। वरिष्ठ पत्रकार रवि जागलान ने कहा कि कोई भी व्यक्ति आपातकालीन स्थिति में रक्त की आवश्यकता पडने पर उनके मोबाईल नम्बर 9520202222 पर सम्पर्क कर सकता है। साथ ही रक्तदान के इच्छुक व्यक्ति भी उनसे सम्पर्क कर सकते हैं।

शामली में स्कूलों की एक तिहाई फीस माफ कराने की उठी मांग

शामली। शामली अभिभावक संघ के पदाधिकारियों ने रविवार को शहर के वर्मा मार्किट के बाहर प्रदर्शन करते हुए आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिभावकों की एक तिमाही फीस माफ कराये जाने की मांग की है। उन्होने प्राईवेट स्कूल संचालको पर फीस के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप लगाते हुए मामले में जांच कर कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
रविवार को शामली अभिभावक संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने शहर के वर्मा मार्केट के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी शामली को भेजा। जिसमें उन्होंने कहा कि देश में कोरोना की महामारी के कारण लॉक डाउन होने से अभिभावक गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में माह जून में स्कूल बंद हुए लगभग 3 महीने से भी ज्यादा हो गया है। बंद स्कूलों द्वारा अभिभावकों से लगातार फीस की मांग की जा रही है। फीस न देने पर बच्चों की ऑनलाइन क्लास बाधित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 3 महीने से निजी स्कूलों से कोई सुविधा अभिभावकों को नहीं दी जा रही। जैसे क्लासरूम स्टडी, ग्राउंड, बिजली आदि स्कूलों द्वारा बच्चों को बिना अनुमति के ऑनलाइन क्लास दी जा रही है। जो भी आधी अधूरी तैयारी के साथ कार्य किया जा रहा है। ऑनलाइन क्लास डिस्टेंसिंग एजुकेशन जैसी होती है। जिसका खर्चा बहुत ही कम होता है। ऑनलाइन क्लास के माध्यम से लगातार अभिभावकों को फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। शासन द्वारा दिए गए आदेशों को लेकर निजी स्कूल कोर्ट पहुंच गए। जिसमें निजी स्कूलों ने लाखों रुपए फीस लेने वाले अधिवक्ता कपिल सिब्बल को भी खड़ा कर दिया है। अब सवाल ये उठता है कि जब निजी स्कूलों के पास वकीलों की फीस देने के लिए करोड़ों रुपया है तो अभिभावकों की एक तिमाही फीस माफी के लिए क्यों नहीं। जिस सरकार की एनओसी के आधार पर प्रदेश के निजी स्कूलों को मान्यता मिलती है उसी प्रदेश सरकार के निर्णय के खिलाफ निजी स्कूल कोर्ट पहुंच गए। उन्होंने निजी स्कूलों की फीस पर लगाम लगाने के लिए अधिनियम 2018 बनाया था। जिस के आदेश अनुसार सभी जिलों में जिला शुल्क नियामक समिति बनाने का आदेश जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि सितंबर तक स्कूल खोलने का निर्णय के बढ़ते प्रभाव और बच्चों के स्वास्थ्य को मद्देनजर रखते हुए 30 सितंबर से पहले प्रदेश के स्कूल किसी भी दशा में खोले जाए। उसके बाद स्थिति की समीक्षा करते हुए स्कूल खोले जाने पर निर्णय लिया जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का आदेश जारी किया जाए। सरकार के देश में सिर्फ एक देश एक शिक्षा एक पाठ्यक्रम के द्वारा पढ़ाई सुनिश्चित की जाए। उन्होने छोटे बच्चों की ऑनलाइन क्लास पर रोक लगाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जो स्कूल संचालक बच्चों के अभिभावकों पर फीस जमा कराने का दबाव बना रहे हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुखचैन वालिया, विकास धीमान, रोबिन गर्ग, अमित गुप्ता, कपिल काम्बोज, प्रदीप विश्वकर्मा, सुखचैन वालिया आदि मौजूद रहे।

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