मुजफ्फरनगर में बही उल्टी गंगा!, भाकियू टिकैत को छोटे से संगठन का बडा झटका, पूरा मामला जान चौंक जाएंगे आप


मुजफ्फरनगर। जनपद में किसान संगठनों में छिडी वर्चस्व की लडाई अब सडकों पर दिखने लगी है। मामला तो छोटा सा है लेकिन लोग इसे जिले में अब तक एकतरफा दबदबा कायम रखने वाली भारतीय किसान यूनियन को एक साल पहले ही बनीं भाकियू तोमर की ओर से बडे झटके के रूप में देख रहे हैं।
दरअसल जनपद के कस्बा छपार में दो लोगों में झगड़ा हो गया। दोनों को पुलिस ने पकड़कर थाने में बैठा लिया। दोनों अलग-अलग किसान संगठन के कार्यकर्ता है। आरोप है कि एक व्यक्ति को पुलिस ने दबाव में छोड दिया जबकि दूसरे संगठन के कार्यकर्ताओं के हंगामा करने पर उसका शांतिभंग में चालान कर दिया। कस्बा छपार निवासी अय्यूब व जुबैर उर्फ बब्लू में किसी बात पर झगड़ा हो गया। अय्यूब भाकियू तोमर से जुडा हुआ है, जबकि जुबैर उर्फ बबलू भारतीय किसान यूनियन टिकैत का कार्यकर्ता है। अय्यूब ने जुबैर के विरुद्ध थाने में तहरीर दी तो जुबैर पक्ष ने भी पुलिस तक शिकायत पहुंचाई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को थाने में बैठा लिया। बताया जा रहा है कि घंटों बाद पुलिस ने अय्यूब को छोड दिया। इस बीच भाकियू टिकैत के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी एक दर्जन कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचे और जुबैर को छोडने के लिए हंगामा करने लगे। मगर पुलिस ने जुबैर का चालान कर दिया। भाकियू नेता मांगेराम त्यागी का कहना है कि जब मामला धारा 151 का था तो पुलिस को दोनों का चालान करना चाहिए था, मगर पुलिस ने एकतरफा कार्यवाही की। हालांकि छपार थानाध्यक्ष का कहना है कि जुबैर के खिलाफ किसी ओर मामले में कार्यवाही की गई है। मुजफ्फरनगर जिले में कई किसान संगठन अस्तित्व में है लेकिन अब तक भारतीय किसान यूनियन टिकैत का एकतरफा दबदबा कायम रहा है। भाकियू तोमर और भाकियू टिकैत में लगातार वर्चस्व की जंग छिडी है। ऐसे में देखने में मामूली दिख रही इस घटना का जानकार लोग गहरा असर मान रहे है। जिले में दो किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच का मामला हो ओर उसमें भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं पर दूसरे संगठन के लोग भारी पड जाए ऐसा शायद ही कभी देखने में आया हो। देखना है कि भारतीय किसान यूनियन टिकैत का आलाकमान इस मामले का किस तरह संज्ञान लेता है।