मुजफ्फरनगर में किसानों ने किया ऐलान-ए-जंग, प्रशासन ने मांगा तीन दिन का समय

मुजफ्फरनगर। जनपद के खतौली क्षेत्र में दर्जनों गांवों के किसानों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने किसानों से तीन दिन का समय मांगा है।
सोमवार को तय कार्यक्रम के अनुसार ख़तौली क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गावों के सैकड़ो किसान भकियू तोमर के ब्लॉक अध्यक्ष विशाल अहलावत के नेतृव में गांव भैसी में स्थित रेलवे ट्रेक के समीप टेंट लगाकर धरने पर बैठ गये। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी भूमि का रेलवे विभाग उचित मुआवजा नही देगा तब तक धरना खत्म नही होगा। धरने को संबोधित करते हुए ब्लाक अध्यक्ष विशाल अहलावत ने कहा कि रेलवे अधिकारी किसानों का शोषण करने पर तुले हुए है। किसान अपनी जमीन का हक़ लेने के लिये सालो से संघर्ष कर रहा है। मगर रेलवे विभाग अधिकारियों के कानों पर कोई जु नही रेंग रही है। विशाल ने कहा कि बहरों को सुनाने के लिये धमाके की जरूरत होती है। जो किसान आज रेलवे ट्रैक पर लेटकर अपनी जान देकर करेगा। विशाल ने कहा कि रेलवे अधिकारी हमें धरने पर आकर बताये की वो किसानों को उनकी भूमि का 720 रुपये मीटर के हिसाब से मुआवजा किस कानून के अनुसार दे रहा है। जबकी 2013 में संसद में भूमि अधिग्रहण को लेकर कानून बना हुआ है। जिसमें किसानों की भूमि अधिग्रहण करने पर उनकी भूमि का मुआवजा जमीन के हिसाब से दिया जाये। विशाल ने कहा कि 2010 में जब रेलवे विभाग ने डबल लाइन बनाने के लिये किसानों की भूमि अधिग्रहण की थी। तो भूमि का मुआवजा 1027 रुपये पर मीटर के हिसाब से किसानों को उनकी भूमि का मुआवजा दिया गया था। क्या दस साल में जमीन के कोई रेट नही बढ़े है। जो भूमि का मुआवजा घटाकर 720 रुपये कर दिया गया है। विशाल अहलवात ने कहा कि जब अधिकारी किसानों की भूमि मुआवजे की समस्या का समाधान नही करेंगे तब तक किसान धरना खत्म नही करेंगे चाहे इसके लिये भकियू तोमर कार्यकर्ताओं को अपनी जान ही क्यो ना देनी पड़े। वही किसानों के धरने पर भकियू तोमर के राषटीय अध्यक्ष संजीव तोमर भी अपने लाव लश्कर के साथ पहुचें और किसानों को उनकी समस्या का समाधान होने तक धरने पर बैठे रहने के लिये कहा। इस दौरान लगभग छह घण्टे चले किसानों के धरने पर एडीएम ई अमित कुमार एसडीएम, इन्द्रकांत द्विवेदी, सीओ आशीष पटेल पहुचें और किसानों की समस्याओं को सुनकर एडीएम ने भकियू तोमर के पदाधिकारियों को किसानों के मुआवजे की समस्या के समाधान के लिये तीन दिन का समय मांगा एडीएम अमित ने किसानों से कहा कि वो रेलवे अधिकारियों को मुजफरनगर बुलायेंगे और उनसे किसानों के मुआवजे के सम्बंध में वार्ता की जायेगी। जिसमें भकियू तोमर के भी पांच पदाधिकारी बैठक में बुलाये जायेंगे। एडीएम के आश्वशन पर भकियू तोमर के राषटीय अध्यक्ष ने प्रसाशन को चेतावनी दी, अगर तीन दिन में किसानों की समस्या का कोई समाधान नही हुआ तो भकियू तोमर तीन दिन बाद फिर रेलवे ट्रैक जाम कर धरना देगी। इस दौरान किसानों ने एडीएम अमित कुमार समसयाओ का एक ज्ञापन भी सौपा। जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया था। लगभग छह घण्टे चले धरने पर किसानों ने भट्टी चढ़ा दी, और खाना धरने पर ही खाया। उधर रेलवे ट्रैक पर किसानों के लेटने की सूचना पर पुलिस प्रसाशन में भी अफरा तफरी मची रही। और पुलिस रेलवे ट्रैक की घेरेबंदी करती नजर आयी। उधर किसानों के धरने के दौरान चार थानों ख़तौली, भोपा, सिखेड़ा, मंसूरपुर की भारी पुलिस फोर्स धरने पर मौजूद रही। इसके अलावा एसडीएम इन्द्रकांत द्विवेदी, सीओ आशीष पटेल, कोतवाल संतोष त्यागी धरना स्थल पर सुबह से ही केम्प किये हुए थे। धरने पर भकियू तोमर के जिलाध्यक्ष अखलेश चौधरी, पवन त्यागी, आशीष, मांगेराम सैनी, हबीब, विक्की तोमर, राव सलीम, शुभम त्यागी, रौनक अली, अमित त्यागी, प्रमोद शर्मा, मुकेश, राजा, अजय राठी, अतुल, समरपाल सिंह, सतेंद्र, सुखबीर आदि मौजूद रहे।

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