शामली में दुकानें खुलते ही उमडी ग्राहकों की भीड, सोशल डिस्टेंस की उडी धज्जियां

शामली। कोरोना महामारी से निपटने के लिए जारी लॉक डाउन में हॉट स्पॉट क्षेत्रों को छोडकर अन्य क्षेत्रों में दी गई रियायतों के चलते बाजारों में हलवाई, रेडीमेट, बर्तन, जूता, सर्राफ की दुकाने खोली गई। खरीदारी के लिए पहले दिन बाजारों में लोगों की जमकर भीड रही वही दूसरी ओर लंबे समय के इंतजार के बाद भी कुछ दुकानों पर दुकानदान खाली बैठे भी दिखाई दिए। बाजारों में भीड भाड होने से सोशल डिस्टेसिंग के नियमों की भी जमकर धज्जियां उडाई गई।
कोरोना वायरस के संक्रमण को देश में महामारी घोषित किया गया है। जिसको रोकने के लिए 18 से 31 मई तक देश व्यापी लॉक डाउन-4 घोषित कर दिया गया। जिले में मौहल्ला पंसारियान, बडी माता मंदिर रोड, बडीआल जाटान एवं सलेक विहार में कोरोना पॉजेटिव केस मिलने से हॉट स्पॉट करते हुए पूरी तरह से सील कर दिया गया है। उक्त स्थानों पर केवल चिकित्सकीय आपातकालीन स्थिति में अवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति में लगे लोगों को छोडकर किसी भी अंदर आने जाने की अनुमति नही है। कोरोना डाउन-4 में जिले में डीएम के आदेश पर कुछ दुकानों को खोलने की छूट दी गई है। बुधवार को बाजारों में विभिन्न दुकाने शेडयूल के अनुसार खोली गई। जिसमें दूध, दवा, सब्जी, किरयाना, मिठाई, बेकारी, ज्वैलर्स, बर्तन, रेडीमेट, जूते, बुक स्टेंशनरी, टेलरिंग, कॉस्मेटिक, जनरल स्टोर, बैंग, अटैची की दुकाने खोली गई। बाजारों में पहले दिन जैसे ही दुकाने खोली गई तो लोगों की भीड बाजारों की ओर दौड पडी। किरयाना सहित कई दुकानों पर भीड भाड होने से सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का कोई पालन नही किया गया। इसके अलावा पुलिस की शिथिलता के चलते बाजारों में बुधवार को प्रतिबंधित दुकाने इलैक्ट्रोनिक्स एवं इलेक्ट्रिक की दुकानों को भी खोला गया। जिसमें दुकानदारों द्वारा आधा शटर खोलकर दर्जनों ग्राहकों को एक बार दुकान के अंदर भेज कर शटर डाल कर दिया गया और संक्रमण बीमारी के लिए लगाए गए लॉक डाउन के नियमों का जमकर उल्लंघन किया गया। सवेरे 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक लॉक डाउन में दी गई छूट के दौरान बाजारों में अधिकतर दुकानों को खोला गया, जिस कारण बाजारों में दुपहिया वाहन, ई-रिक्शा सहित वाहन चालकों के घुसने से कई बार जान की स्थिति भी पैदा हो गई थी। पहले ही दिन पुलिस द्वारा दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न कराये जाने से संक्रमण बीमारी के फैलने का खतरा बना रहा।
लॉक डाउन में दुकानदारों की दी गई रियायत में बुधवार को प्रमुख रूप से बर्तन, रेडीमेट गारमेंट व सर्राफा बाजार खोला गया। पहले दिन बाजार को खुले, लेकिन दुकानों पर ग्राहक न पहुंचने से व्यापारियों के माथे पर चिंता की लेकीरे भी साफ दिखाई दी। पिछले दो माह से बंद दुकानों को खोले जाने से व्यापारियों के सामने एक उम्मीद की किरण जागी है।
कोरोना महामारी को लेकर देशभर में 18 से 31 मई तक देशव्यापी लॉक डाउन-4 लगाया गया है। जिले में डीएम जसजीत कौर के आदेश पर शेडयूल के हिसाब से बुधवार को दिन दूध, दवा, सब्जी, किरयाना, मिठाई, बेकारी, ज्वैलर्स, बर्तन, रेडीमेट, जूते, बुक स्टेंशनरी, टेलरिंग, कॉस्मेटिक, जनरल स्टोर, बैंग, अटैची की दुकानों को खोला गया। प्रमुख रूप से बाजारों में रेडीमेट गारमेंट, ज्वैलर्स तथा बर्तन की दुकानों को खोला गया। दो माह के लंबी इंतजार के बाद व्यापारियों ने सवेरे दुकानों को खोला। साफ सफाई करने के बाद पूजा अर्चना की, लेकिन पहने दिन दुकानदारी न के बराबर रही। व्यापारियों की माने तो अभी शहर के लोगों को प्रशासन द्वारा खोली गई दुकानों की जानकारी न होने के बाद वह बाजारों में खरीदारी करने के लिए नही पहुंच पाए है। जिस कारण पहले दिन दुकानदारों को खाली बैठना पडा। जैसे जैसे जानकारी होगी बाजारों मे ंखरीदारी को लोग भी आयेगे।
कपडा व्यापारी राजकुमार जैन ने बताया कि पहले दिन साफ सफाई और पूजा अर्चना के बाद दुकान खोलने में 10 बज गए थे। ग्राहकों को दुकाने खुले है या नही इसके बाद मालूम नही है। पहले दिन खाली बैठकर समय बिताया। लॉक डाउन से जो माल खरीदा हुआ था, वह सारा बचा हुआ है। ईद को लेकर भी खरीदारी नही हुई तो व्यापारियों को नुकसान होगा।
कपडा व्यापारी राजेश कुमार ने बताया कि करीब दो माह बाद दुकान खुली है। कोरोना को लेकर तो देश में अच्छा काम हुआ है, लेकिन व्यापारियों को काफी नुकसान है। सरकार को छोटे व्यापारियां की ओर देखने की जरूरत है। दुकानों को खोले जाने का समय बढाया जाये।
व्यापारी विनीत बंसल ने बताया कि बाजार में पहले दिन ग्राहकों की स्थिति कम रही है। प्रशासन ने दुकानदारों को राहत देने का काम किया है। उम्मीद है कि जैसे ही सूचना लोगों को होगी तो बाजारों में ग्राहक भी आयेगे। बर्तन व्यापारी सुधीर कुमार ने बताया कि लगातार दो माह दुकाने बंद रहने से व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खडा है। सरकार द्वारा व्यापारियों के लिए अपनी घोषणओं में कोई राहत नही दी गई। बाजारों में ग्राहक न होने से व्यापारी और अधिक परेशान हो जायेगा। जिसके लिए सरकार को व्यापारियों की ओर देखने की जरूरत है।
बर्तन व्यापारी संजीव गर्ग ने बताया कि लॉक डाउन के कारण व्यापारी की स्थिति दयनीय हो गई है। फैक्ट्रियों में माल नही है। लेबर गायब है। बाजारों में ग्राहक न के बारबर है। बाजार में रूपया न होने से आर्थिक संकट से व्यापारी को जूझना पड रहा है। ट्रांस्पोर्ट न मिलने से माल भी आयात निर्यात नही हो पा रहा है। व्यापार एक वर्ष पीछे चला गया है।
सर्राफ मोहनलाल ने बताया कि ज्वैलर्स की दुकाने लगातार दो माह से बंद है। रोजगार ठप हो गया है। परिवार बडा होने से आर्थिक संकट का भी सामना करना पड रहा है। पहले ही ज्वैलर्स के बाद कार्य नही है और जो थोडा बहुत शादी या ईद पर आता वह भी लगभग खत्म सा हो गया है। मिठाई विक्रेता मनोज मित्तल ने बताया कि पिछले दो माह में दुकान खोली गई है। अचानक लॉक डाउन लगाने से मिठाई विक्रेताओं की दुकाने बंद कर दी गई थी, जिस कारण लाखों रूपये का माल भी खराब हुआ है। बाजार में ग्राहक जीरों है। लेकिन प्रशासन ने राहत देकर एक उम्मीद जगाई है। जिसमें मिठाई विक्रेताओं को शाम 4 बजे तक का समय दिया जाये।

शामली के व्यापारियों ने प्रशासन से लगाई ये गुहार…

शामली। शहर के पुरानी सब्जी मंडी के दुकानदारों ने बुधवार को जिला प्रशासन से मांग करते हुए मंडी को पूर्व की भांति लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए चलाये जाने की मांग की। बर्तन व्यापारियों की दुकानों के बाहर सब्जी की दुकाने लगाने से हो रही परेशानियों को देखते हुए उन्होने जिला प्रशासन से समस्या से समाधान कराये जाने की गुहार लगाई है।
बुधवार को शहर के पुरानी सब्जी मंडी के दुकानदारों ने जिला प्रशासन से मंडी खुलवाये जाने की मांग की। उन्होने कहा कि कोरोना महामारी को लेकर सब्जी मंडी को बंद करते हुए उनकी दुकानों को बडा बाजार स्थित बर्तन व रेडीमेट गारमेट की दुकानों के बाहर लगवा दिया गया था, जहां उनको परेशानियों का सामना करना पड रहा है। गत रात्रि जिला प्रशासन से सप्ताह में तीन दिन बर्तन, रेडीमेट, सर्राफ सहित अनेकों दुकानों को खोलने की आदेश दिए है, जिसके बाद व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों को खोला जा रहा है और उनकी दुकानों को हटा दिया गया है, जिससे उनको भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। खुले आसमान के नीचे तेज धूप में सब्जी व फल खराब हो जाते है, जिस कारण उनको कोई खरीद भी नही पाता है। उन्होने समस्या को देखते हुए जल्द से जल्द समाधान निकाले जाने की मांग की है। इस अवसर पर मोईन, राशिद, मोहसीन, राजू, महिपाल, सुखपाल, सचिन कुमार, इकराम, नाजिम, पवन कुमार, बूबा, भूरा, अरविन्द कुमार आदि मौजूद रहे।

गौवंश ने उजाडी फसल तो पुलिस ने की ये कार्यवाही

शामली। गांव बलवा निवासी किसानों के खेतों में गऊशाला से निकलकर गौवंशों द्वारा लगातार नुकसान पहुंचाये जाने की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने गऊशाला संचालक को हिरासत में लिया है। गऊशाला में चारा न होने की दशा में कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा द्वारा गऊशाला को 25 कुंटल भूसा दिया गया।
बुधवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव बलवा निवासी दर्जनों ग्रामीणों को कोतवाली पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि गांव में स्थित गऊशाला से देर रात्रि में गौवंशों को बाहर निकाल दिया जाता है, जिसके बाद वह किसानों के खेतों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे है। जिस कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट खडा हो जायेगा। मामले में कार्यवाही करते हुए कोतवाली पुलिस ने गऊशाला संचालक गौतम को हिरासत में लिया तो उसने बताया कि गऊशाला में चारा खत्म हो गया है, जिस कारण वह रात्रि में गौवंशों को खुला छोड देता है ताकि वह चारा खा सके। गऊशाला संचालक की मांग पर कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा ने 25 कुंटल भूसा गौशाला में देते हुए गौशाला संचालक को छोड दिया गया।

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