शामली में गन्ना भुगतान की मांग को लेकर भाकियू ने किया अधिकारियों का घेराव

शामली। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने जिला गन्ना अधिकारी का घेराव करते हुए जिले की शुगर मिल में बकाया गन्न भुगतान अविलंब कराये जाने की मांग की है। उन्होने चेतावनी दी कि यदि शुगर मिले किसानों का भुगतान नही करती है तो भाकियू गन्ना सोसाएटी में तालाबंदी करते हुए आन्दोलन करेगी।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव विनोद निर्वाल के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिला गन्ना अधिकारी का घेराव किया। उन्होने डीसीओ को एक ज्ञापन देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते जिले का किसान बर्बाद हो चुका है। महामारी में किसान टूट चुका है। जिस कारण वह आत्मदाह करने को मजबूर है। उन्होने कहा कि जिले के शुगर मिलों ने नवंबर माह तक का भुगतान किया है। जिस कारण शुगर मिलों पर करीब 400 करोड रूपया बकाया है। शामली व ऊन शुगर मिल द्वारा किसानों को गन्ना लेने में देरी की जा रही है। गन्ना खेतों में पडा है। जिस कारण किसानों के गन्ने की सम्पूर्ण आपूर्ति की व्यवस्था की जाये। आरोप है कि जिले के तोल सैंटरों पर तीन-तीन दिनों तक तोल नही किया जाता है। फर्जी बोंड बंद कराया जाये। गन्ना किसानों को शुगर मिलों द्वारा दवाईयां बाजार रेट से ज्यादा रेट पर दी जा रही है। जो किसानों का उत्पीडन है, जिसको बंद कराया जाये। उन्होने कहा कि जब तक किसानों का सम्पूर्ण गन्ना भुगतान नही होता है। किसानों से वसूली न की जाये। किसानों की बर्बाद फसलों का उचित मुआवजा दिया जाये। उन्होने चेतावनी दी कि यदि किसानों का भुगतान नही किया जाता है तो भाकियू गन्ना सोसाएटी में तालाबंदी करते हुए आन्दोलन करेगी। मौके पर ईश्वर सिंह फौजी, शादाब आदि मौजूद रहे। वही दूसरी ओर भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान ने भी ज्ञापन देकर कहा कि जिले से संबंधित किसानों का गन्ना सर्वे नही हुआ है। जब तक किसानों के खेतों में गन्ना खडा है शुगर मिले चलती रहे। गन्ना आयुक्त के आदेशों के अनुसार किसानों को चीनी दी जाये। किसानों का गन्ना भुगतान किया जाये। मौके पर कुलदीप पंवार, जावेद तोमर, संजीव राठी, दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।

शामली में कोरोना योद्धा बना ये सभासद

शामली। लॉक डाउन में वार्ड सभासद हाजी खालिद कोरोना योद्धा बनकर लोगों की मदद करने में लगे है। सभासद द्वारा लगातार गलियों, मौहल्लों के अलावा लोगों के घरों को सैनेटाईज कराया जा रहा है वही उनके द्वारा अपने निजी खर्च से वार्ड के करीब 130 परिवारों को राशन किट भी उपलब्ध कराये जाने का कार्य किया है।
नगर पालिका परिषद शामली के वार्ड संख्या 17 से सभासद हाजी खालिद लॉक डाउन में कोरोना योद्धा बनकर सामने आये है। गत 24 मार्च को जनपद में लगे लॉक डाउन लगा दिया गया था। जनपद में शहर के मौहल्ला नानूपुरा में कोरोना पॉजेटिव मिलने के बाद हॉट स्पॉट करते हुए पूरे तरह से कई मौहल्लों को सील कर दिया गया था। इस दौरान उन्होने लोगों की मदद करने का स्वयं जिम्मा लिया और लॉक डाउन में फंसे असहाय लोगों की मदद करते हुए करीब 130 परिवारों को राशन किट उपलब्ध कराई। यही नही उनके द्वारा लगातार वार्ड को सैनेटाईज कराया जा रहा है। इसके अलावा उनके द्वारा लोगों के घरों को भी सैनेटाईज कराते हुए मास्क व सैनेटाईजर उपलब्ध कराया गया। हाजी खालिद बताते है कि उनके द्वारा राशन कार्ड बनवाए गए, वार्ड की साफ सफाई, बिजली, पानी सहित अनेकों समस्याओं को दूर कराया गया। वह लोगों को लगातार जागरूक करने में में लगे है ताकि कोरोना जैसी महामारी से बचा जा सके।

टीकाकरण के लिए महिलाओं को हो रही परेशानी

शामली। नगर के राजकीय चिकित्सालय में बच्चों का टीकाकरण करने वाली एएनएम को होम क्वारंटाईन किए जाने पर जच्चा बच्चा महिलाओं को कस्बा बनत व कुडाना की सीएचसी पर जाना पड रहा है। जिससे महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। उन्होने अधिकारियों को शिकायत करते हुए मामले में जांच कर बच्चों को टीकाकरण कराये जाने की मांग की है।
सोमवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला दयानंदनगर निवासी नितिन बंसल ने आला अधिकारियों को शिकायत करते हुए बताया कि गत करीब पांच माह पूर्व पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। जिसका टीकाकरण होना है, लेकिन टीकाकरण करने आने वाली एएनएम पिछले काफी दिनों से नही आ रही है, जिस कारण बच्चे को टीका नही लग पाया है। मामले की जानकारी करने पर आला अधिकारियों ने बताया कि मौहल्ला दयानंदनगर में तैनात एएनएम की डयूटी हॉट स्पॉट क्षेत्रों में लगाई गई थी, जिसके बाद उनको ऐतियात के तौर पर होम क्वारंटाईन कर दिया गया है। फिलहाल वह कस्बा बनत व कुडाना सीएचसी पर जाकर टीका लगवा सकते है। उन्होने बताया कि शामली से कई किलोमीटर जाने से महिलाओं को काफी परेशानियों हो रही है। उन्होने मामले में संज्ञान लेते हुए शहर शामली में ही टीका लगवाये जाने की मांग की है।

टॉफी-चने बेच रहे बच्चे
शामली। नगर के मौहल्ला कलंदरशाह में कोरोना काल के दौरान की यह तस्वीर जिन्दगी भर याद रहेगी। मां बाप के बीमार होने के चलते सरकारी दावों के बावजूद पेट भरने के लिए नाबालिगों को ही टॉफी, चने आदि बेचने को मजूबर होना पडा। मौहल्ला कंलदरशाह में यह मार्मिक दर्शय हर किसी के दिल को झंझोड देना वाला मिला। यह तस्वीर सरकारी दावों की हर घर सुविधा पहुंचाये जाने के दावों की पॉल खोल रही है।

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