शामली एसपी ने बाईक से सडकों पर निकाला फ्लैग मार्च, लॉकडाउन तोडने वालों पर कार्यवाही की चेतावनी

शामली। लॉक डाउन का सख्ती के साथ पालन कराये जाने के लिए पुलिस अधीक्षक विनीत जयसवाल ने बाईक से शहर भर की सडकों पर फ्लेग मार्च निकाला गया। उन्होने पुलिस कर्मियों को उचित दिशा निर्देश देते हुए लॉक डाउन में लापरवाही बरते जाने पर कार्यवाही करने की चेतावनी दी है।
रविवार को पुलिस अधीक्षक विनीत जयसवाल ने लॉक डाउन का सख्ती के साथ पालन कराये जाने के उददेश्य से पुलिसकर्मियों को साथ लेकर बाईक से शहर की सडकों पर मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद में कोरोना पॉजिटिव केस शून्य हुए हैं, लेकिन लॉक डाउन यथावत है। इसलिए सभी लॉक डाउन का पालन करें। जनपद शामली में अभी तक 18 कोरोना पॉजिटिव मामले आये थे, जो सभी उपचार बाद स्वस्थ हो गए हैं। किन्तु अभी न तो लॉकडाउन खत्म हुआ है और न ही संक्रमण का खतरा। प्रदेश में लॉकडाउन जारी रखे जाने के शासन के आदेश के अनुपालन में जनपद शामली में भी लॉकडाउन प्रभावी है। उन्होने इस महामारी से निपटने के लिए जनता से भी सहयोग दिए जाने की अपील की है। इसके अलावा सीओ सिटी जितेन्द्र कुमार व कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा ने भी सवेरे शहर के विभिन्न मौहल्लों में पैदल मार्च निकाला। जो शहर के शिव चौक से शुरू होकर नया बाजार, बडा बाजार, कबाडी बाजार, फव्वारा चौक, वीवी इंटर कालेज रोड, आजाद चौक, काजी वाडा, हनुमान रोड को होते हुए कोतवाली जाकर संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होने लोगों से लॉक डाउन का पालन करने का आहवान किया है।

गरीबों की मदद करने की गुजारिश

शामली। जमीअत उलेमा-ए हिन्द के जनरल सैकेट्री मौलाना अयूब ने माहे रमजान के मौके पर मुस्लिमों से ईद की शॉपिंग करने के बजाये गरीबों की मदद करने की गुजारिश की है। उन्होने कहा कि लॉक डाउन के वजह से माहे रमजान में बहुत से जरूरतमंद लोगों को परेशानियों हो रही है। जिसकी सदका, फितरा और जकात देकर मदद की जा सकती है।
मौलाना अयूब ने कहा कि इस बार हम ईद की शॉपिंग नहीं करेंगें। घर मे जो भी कपड़े हैं उन्हें ही हम ईद वाले दिन पहनेंगें। ईद की शॉपिंग के पैसों से हम अपने जरूरतमंद पड़ोंसियों, रिशतेदारों और कमजोरों की मदद करेंगें। जो लोग किराय के मकानों में रहते है हम उनका एक महीने का किराया दे सकते हैं। हम उनके घरों में महीने भर का राशन भरवा सकते हैं। हम उनके बच्चों के स्कूल की फीस जमा करा सकते हैं। हम उनके बीमारों की दवाईयों का इंतजाम कर सकते हैं। जकात और फितरा देने का ये बेहतरीन मौका हम सबको मिला है। उसे दिल खोलकर इन नेक कामों में खर्च कीजिये और सब पर खर्च कीजिये। हर जरूरतमंद पर खर्च कीजिये। मौजूदा महामारी के चलते हर जगह एक अजीब सी खामोशी और दहशत सी छाई हुई है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा पड़ा है। मोहल्लों की चहल-पहल को किसी की बुरी नजर लग गई है। घर-आंगन सूने पड़े हुए हैं। कई गोदें सूनी हो गई हैं। कुछ ने अपनों के पास जाने की तमन्ना में रास्तों में ही दम तोड़ दिया। जिंदगी भर साथ निभाने का वादा करने वालों ने आखिरी समय मे उनके जनाजों को कंधा देने तक से इंकार कर दिया। डॉक्टर्स, नर्स, मेडिकल स्टाफ और कितने अधिकारी और पुलिस अधिकारी शहीद हो गए। दो वक्त के खाने के लिए लोग दो-दो किलोमीटर लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहें हैं। रमजान के इस मुबाकर महीने मे खुदा से दुआ करिये की देश-दुनिया मे सबकुछ जल्दी से जल्दी ठीक हो जाए और जिदगी एक बार फिर से गुनगुनाए और मुस्कुराए। उन्होने माहे रमजान में मुस्लिमों से जरूरतमंदों की मदद करने की गुजारिश की है।

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