मुजफ्फरनगर सहित वेस्ट यूपी में दिन में ही हो गई रात, जमकर बरसे बादल

मुजफ्फरनगर/शामली/बागपत। आज सुबह धूप निकलने के बाद अचानक मौसम खराब होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोग हलकान हैं। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर व बागपत के साथ शामली में रविवार को अचानक ही मौसम बिगड़ गया। तेज आंधी के साथ आसमान में काले बादलों ने दिन में ही अंधेरा कर दिया। इसके बाद बारिश तथा ओला की बौछार से किसानों के माथे पर बल पड़ गया जबकि जनजीवन भी अस्तव्यस्त हो गया है।
सहारनपुर के चिलकाना में तेज आंधी के साथ काली घटा छाने से दिन में ही वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलानी पड़ी। गंगोह में भी तेज आंधी के साथ काली घटा छा गई। इसके बाद बारिश भी शुरू हो गई जबकि बिजली व्यवस्था भी लडख़ड़ा गई। तीतरो में तेज आंधी और काली घटाओं ने आसमान को घेर लिया। रामपुर मनिहारान में दिन में ही आसमान में अंधेरा छा गया। आंधी के कारण दिल्ली रोड पर वाहनों को दिन में भी लाइट जला कर गुजरना पड़ा। सरसावा में तेज आंधी के साथ आसमान पर छाई काली घटाओं ने दिन में ही रात का माहौल बना दिया। यहां किसान आसमान पर टकटकी लगाए ईशवर से बारिश के थमने की दुआ माग रहा है। देवबन्द में आसमान पर काली घटायें छाने से दिन में भी हुआ अंधेरा। गागलहेड़ी में काली घटा ने दिन में अंधेरा किया। यहां पर तेज बारिश ने किसानों की नींद उड़ाई।
मुजफ्फरनगर में भी काली घटाओं व आंधी के साथ बौछार शुरू हो गई। यहां तेज आंधी के साथ काले बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई है। बेमौसम की इस बारिश से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें बढ़ गईं। काले बदल इतने गहरे थे कि दिन में ही रात का नजारा नजर आने लगा। तेज हवा के साथ तेज बारिश से किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई। यहां पर मौसम के एक बार फिर करवट लेने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। बारिश से किसानों के माथे पर बल पड़ गए हैं। गेहूं की फसल अभी भी 20 से 25 फीसदी खेतों में है। थ्रेशिंग कार्य बाधित हो गया है। तेज हवा से शहर की बिजली व्यवस्था लडख़ड़ा गई है।
बागपत में धूल भरी आंधी चलने से सभी व्यवस्था अस्त व्यस्त हो गई है। यहां पर कोरोना संक्रमण से बचाव तथा राहत देने के काम में लगे सभी अधिकारियों ने गाडिय़ों में बैठकर खुद की धूल से बचाया। दाहा क्षेत्र में धूल भरे तूफान के साथ हुई तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हुई। रविवार सुबह मौसम बड़ी आफत लेकर आया। पहले आसमान में काले बादल छाए। उसके बाद तेज हवा तूफान में बदल गई। सुबह 11 बजे ही अंधेरा छा गया और सड़कों पर चालकों को वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। तूफान से कितने ही और विद्युत पोल उखड़ गए। सड़क किनारे लगे होर्डिंग उखड़ गए। उसके बाद तूफान के साथ आई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। काफी देर तक सड़कों पर वाहनों का आवागमन भी प्रभावित रहा। खेतों में गेहूं कटाई का काम किसानों को बीच मे ही रोक देना पड़ा। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल भीग जाने से काफी नुकसान की संभावना है। गेहूं की कटी पड़ी पुलिया उड़कर दूसरे खेतों में जा गिरी।चंद्रपाल प्रधान, सोहन पाल, रविंद्र आदि ने बताया कि तूफान और बारिश से काफी नुकसान होने की संभावना है। विद्युत पोल टूटने से कितने ही स्थानों की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। खेतों में ईंख छिलाई का काम भी बीच मे ही रोक देना पड़ा। बडौत शहर में जगह जगह सड़कों पर लगे बैरियर भी गिर गए। तूफान और बारिश से गोवंश को परेशानी झेलनी पड़ी।

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