मुजफ्फरनगर में कांग्रेसियों से झडप, प्रशासन ने ज्ञापन देने से रोका!

मुज़फ़्फ़रनगर। शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जुनैद रऊफ के नेतृत्व में लद्धावाला स्थित कैंप कार्यालय से महामहिम राज्यपाल को संबोधित करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन देने जाते समय पुलिस प्रशासन द्वारा रास्ते में ही रोक लिया गया जिसपर शहर अध्यक्ष जुनैद रऊफ व सभी कार्यकर्ताओं की झड़प हुई, जिसके उपरांत एलआईयू के अधिकारियों को बुलाकर शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा ज्ञापन सौंपा गया।
शहर अध्यक्ष जुनैद रऊफ ने कहा कि संकट के इस समय में योगी सरकार घटिया राजनीति से बाज नहीं आ रही है। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर प्रवासी मजदूरों कामगारों को घर तक पहुंचाने के लिए 1000 बसों के संचालन की अनुमति पत्र द्वारा 16 मार्च 2020 को मांगी थी। दुर्भाग्यवश राज्य सरकार ने अनुमति देने मे 2 दिन का समय लगा दिया इससे इसके बाद सरकार की मनोस्थिति साफ नहीं है क्योंकि आदेश देने का दिखावा करने के अतिरिक्त सरकार कुछ नहीं कर रही है। सरकार का यह रवैया उसकी मजदूर विरोधी नीतियों को दर्शाता है। इसी कड़ी में प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह, माननीय प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक व अन्य कांग्रेस पदाधिकारीयो के विरूद्ध झूठे मुकदमे दायर किए गए हैं और अजय कुमार लल्लू को गिरफ्तार भी कर लिया गया है, जिसका मुजफ्फरनगर शहर कांग्रेस कमेटी विरोध प्रकट करती है। मानवता के विपरीत इन सभी पर झूठे मुकदमे दायर किए गए हैं उन्हें वापस लिए जाने और परिस्थितियों को देखते हुए सारे मजदूरों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए कांग्रेसियों द्वारा जो बसे विभिन्न बार्डर पर खड़ी हैं उनको चलाने की अनुमति दिलाने की मांग की है।
शहर अध्यक्ष जुनैद रऊफ ने सरकार की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ऐसे समय में राजनीति कर रही है। कांग्रेस पार्टी जरूरतमंदों की हर संभव मदद के लिए तैयार है
परंतु सरकार निराधार और भ्रमक अनुमति प्रदान कर रही है और साथ ही प्रवासी मजदूरों के प्रति उत्पीड़नकारी रवैया बनाए हुए हैं। एक तरफ मुख्य सचिव फरमान देते हैं कि बसों को गाजियाबाद बॉर्डर और नोएडा बॉर्डर ले आओ और दूसरी तरफ अब उन्हें उत्तर प्रदेश में घुसने से मना किया जा रहा है और साथ ही प्रियंका के निजी सचिव व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक पर झूठे मुकदमे लगा कर प्रदेश अध्यक्ष को गिरफ्तार करना इस बात को दर्शाता है कि सरकार का बार-बार फैसला बदलना प्रवासी मजदूरों के साथ छलावा कहा जा सकता है। इस समय सरकार को अपना तानाशाही रवैया छोड़कर बेबस लाचार मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने में किसी भी प्रकार की राजनीति से प्रेरित हुए बिना कांग्रेस पार्टी के साथ सहायक बन कर मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें कांग्रेस पार्टी द्वारा भेजी जा रही बसों द्वारा मजदूरों को उनके घरों पर पहुंचाने का कार्य करना चाहिए। मुख्य रूप से ज्ञापन देने में शहराध्यक्ष जुनैद रऊफ, धीरज माहेश्वरी, अहसन ज़मीर, सगिर मलिक, तारिक़ फारुकी, फ़हीम सिद्दीक़ी आदि मौजूद रहे।

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