कपड़े और जूतों की दुकान खुलीं तो जमातियों की तरह बदनाम होंगी मुस्लिम महिलाएं

बागपत। बागपत में ईद पर भाईचारा कायम रखने के लिए बुलाई गई बैठक में नगर के बाजार खोले जाने का मुद्दा भी उछला। पालिकाध्यक्ष राजूद्दीन एडवोकेट ने सुझाव दिया कि बाजार ईद के बाद ही खोले जाने चाहिए थे। कपड़े और जूतों की दुकान खुलने से खरीदारी के लिए भीड़ लगेगी और जमातियों की तरह मुस्लिम महिलाएं भी भीड़ बढ़ने की वजह से बदनाम होंगी।
डीएम शकुंतला गौतम की अध्यक्षता में कोतवाली में आयोजित बैठक में शांति और भाईचारे पर चर्चा की गई। बाजार का जिक्र छिड़ा तो पालिकाध्यक्ष ने कहा कि बेहतर यह होता कि बाजार ईद के बाद खुलते। कपड़े और जूते-चप्पलों की दुकान खुलने से यहां खरीदारी के लिए मुस्लिम महिलाओं की भीड़ बढ़ जाएगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना मुश्किल होगा। ऐसे में बेहतर यह होता कि ईद के बाद ही दुकानें खोली जाती। निजामुद्दीन मरकज से जमातियों की अधिक संख्या निकलने को लेकर पहले ही बदनामी झेल चुके हैं। जमीयत उलमा हिंद के जिला महासचिव हाफिज कासिम ने भी कहा कि बाजार ईद के बाद खुलने चाहिए थे। मुस्लिम समाज के लोग सादगी से ईद मनाएंगे। व्यापारी नेता नंद लाल डोगरा ने कहा कि व्यापार संघ व्यापारियों के पूरी तरह साथ हैं, किसी तरह की आपत्ति नहीं है। समाज का भाईचारा बना रहना चाहिए।
व्यापारी उदय चौहान, राजीव गुप्ता, संजय रूहैला, दीपक सिंधी, राजीव जैन, बिट्टू जैन ने कहा कि पालिकाध्यक्ष का सुझाव सही है। ईद तक लॉकडाउन तीन के नियम चलने चाहिए थे। सिर्फ बागपत में ही नहीं बल्कि जिले में लॉकडाउन तीन के नियम रहने चाहिए थे। इस पर पालिकाध्यक्ष राजूद्दीन एडवोकेट ने कहा कि उनका सुझाव सिर्फ बागपत नगर के लिए है। डीएम शकुंतला गौतम ने कहा कि प्रशासन बाजार खोलने का शेड्यूल जारी कर चुका है। इसमें व्यापारियों की सहमति ली गई थी। दुकानें खोलना या नहीं खोलना यह व्यापारियों का व्यक्तिगत फैसला होगा। डीएम शकुंतला गौतम और एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने कहा कि अलविदा जुमा और ईद का त्योहार भाईचारे, सादगी और सहयोग से मनाएं। सर्वसमाज के लोग एक-दूसरे का सहयोग करें। एसडीएम रामनयन सिंह, सीओ ओमपाल सिंह, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, हरेंद्र प्रधान, दिनेश सिंह प्रधान नैथला, जाहिद फौजी, उमरदीन, अनीश, बिल्लू, इकरार, इकराम, अंकित मौजूद रहे।शहर काजी हबीबुर्रहमान ने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग ईद पर अनावश्यक खर्च न करें। बचत करें। बचत से गरीबों की मदद करें। कोरोना की मार झेल रहे लोगों का सहयोग करें। सादगी से ईद का त्योहार मनाएं।

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