अवैध संबंध के शक में प्रोफेसर पत्नी ने डॉक्टर पति को पहले किया बेहोश, फिर बिजली का करंट देकर…

भोपाल: मध्य प्रदेश के छतरपुर में पुलिस ने 63 साल की रसायन विज्ञान की एक प्रोफेसर को कथित तौर पर अपने ही पति को नशीली दवा और इलेक्ट्रिक शॉक देकर जान से मारने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार प्रोफेसर ममता पाठक ने विवाहेतर संबंध के शक में अपने पति और एमबीबीएस डॉक्टर नीरज पाठक की हत्या की है। नीरज जिले के प्रमुख डॉक्टरों में से एक थे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने कहा दंपति के बीच अक्सर झगड़े होते थे और नीरज ने अपने वकील के माध्यम से एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी जान को खतरा है और उनकी पत्नी किसी दिन उनकी हत्या कर सकती है।

पति की मौत के दो दिन बाद पुलिस के पास पहुंची प्रोफेसर पत्नी
दरअसल पति की मौत की घटना 29 अप्रैल को हुई थी। हालांकि पूरा मामला प्रकाश में तब आया जब दो दिन बाद ममता ने 1 मई को लोकनाथ पुरम पुलिस स्टेशन में संपर्क किया। पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनके पति की 29 अप्रैल को घर पर मौत हो गई थी।

पुलिस शिकायत में ममता ने कहा था कि कि वह करीब रात 9:00 बजे अपने पति के पास रात के खाने के लिए पूछने गई थी। उस समय वह अचेत अवस्था में थे। पत्नी के अनुसार इसके बाद उन्होंने जब पति की नाड़ी चेक की तो वह बंद थी।

ममता पाठक बताया कि पति की अचेत अवस्था के बावजूद उसने इसलिए पुलिस को तब सूचित नहीं किया क्योंकि पति को पहले से बुखार था और ऐसे में उन्होंने अगले दिन पति को मेडिकल चेकअप के लिए ले जाने का फैसला किया।

हालांकी ममता की इस कहानी पर पुलिस को भरोसा नहीं हुआ। डीसीपा शंशाक जैन ने कहा कि मामला दर्ज करने में हुई देरी को लेकर पुलिस को ममता पर पहले से ही शक था। बाद में हमने उनसे पूछताछ की और इसी दौरान ममता ने अपने पति की हत्या की बात कबूल की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि ममता ने 2 दिन बाद मौत की जानकारी इसलिए दी ताकि अधिक नींद की गोलियां देने वाली बात पोस्टमार्टम में न पता चले।

पत्नी ममता पाठक पर पति को नींद की ज्यादा गोलियां देने का आरोप
पुलिस ने बताया कि नीरज डिप्रेशन में चल रहे थे और ममता ने उन्हें 29 अप्रैल को खाने में जरूरत से अधिक नींद की गोलियां दे दी थी। इसके बाद जब पति सो गए तो बेडरूम के एक एक्सटेंशन कॉर्ड का उपयोग करते हुए उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक देकर मार दिया।

बहरहाल पुलिस पूरे मामले की अभी जांच कर रही है। पुलिस इस बात की भी तस्दीक कर रही है कि इस घटना को अंजाम देने के समय ममता अकेले थीं या उसके साथ कोई और भी इसमें शामिल है?

इस मामले में नीरज के भाई पंकज ने बताया कि नीरज और ममता दोनों 11 साल से अलग रह रहे थे। हालांकि, हाल में जब नीरज ने छतरपुर जिला मेडिकल अफसर के पद से स्वैच्छिक रिटायरमेंट के बारे में विचार करना शुरू किया तो करीब चार महीने पहले ही ममता वापस आ गई थीं।