अभी-अभीः एमपी में 25 नए मंत्रियों के नाम फाइनल, सिंधिया गुट के इन नेताओं को मिलेगा मंत्रीपद!, देखें लिस्ट

भोपाल। शिवराज सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार अब अंतिम दौर में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को दिल्ली में हैं और उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठकों के बाद मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया। अब शाम चार बजे प्रधानमंत्री के साथ शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात है। इधर, मध्यप्रदेश में मंत्रियों के नामों पर अटकलों का दौर तेज हो गया है।
मध्यप्रदेश में 30 जून को मंत्रिमंडल का विस्तार संभावित है। इससे एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्यप्रदेश के राज्यपाल पद का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है। यह प्रभार राज्यपाल लालजी टंडन के अस्पताल में भर्ती होने के कारण दिया गया है। संभावना है कि आनंदीबेन पटेल 30 जून को नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार से ही दिल्ली में हैं। वे पार्टी के आला नेताओं के साथ मैराथन बैठक बैठकें कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक नए मंत्रियों की सूची पर अंतिम मोहर लग गई है। शिवराज की गृहमंत्री अमित शाह के साथ भी लंबी चर्चा हुई, जिसमें नामों को अंतिम रूप दिया गया। चौहान सोमवार शाम को ही भोपाल पहुंच जाएंगे और 30 जून को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।
इससे एक दिन पहले रविवार को शिवराज ने संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोश के साथ चर्चा की और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भी मिलने गए। दोनों नेताओं के साथ मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा हुई। इसके बाद रविवार शाम को ही आठ बजे पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करने उनके बंगले पर गए। यहां दो घंटे तक दोनों में चर्चा हुई।इसी के बाद रात में गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर पहुंचे, शिवराज के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे भी पहुंचे थे। बताया जाता है कि अमित शाह के आवास पर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी पहुंच गए थे। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल के लिए क्षेत्र, वर्ग और सबसे अहम उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए नामों पर मंथन हुआ।
फिलहाल शिवराज मंत्रिमंडल में केवल 5 मंत्री हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिमंडल में करीब 25 सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र भी दिल्ली पहुंच गए हैं। शिवराज कैबिनेट में शामिल किए गए पांच मंत्रियों में से तुलसी सिलावट और नरोत्तम मिश्रा को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा है।
भोपाल से रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री विश्वास सारंग और एससी कोटे से विष्णु खत्री, रायसेन से पूर्व मंत्री रामपाल सिंह के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।
इंदौर से उषा ठाकुर का नाम सबसे आगे है। इंदौर से ही भाजपा विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़ पर विचार हुआ है।
मालवा निमाड़ से मोहन यादव, चेतन कश्यप, यशपाल सिंह सिसोदिया, आदिवासी कोटे से विजय शाह या प्रेम सिंह पटेल भी मंत्री बनाए जा सकते हैं।
बुंदेलखंड से पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के साथ एससी कोटे से हरीशंकर खटीक का नाम भी मंथन में आया है।
ग्वालियर चंबल से अरविंद भदौरिया, यशोधरा राजे सिंधिया के साथ ओबीसी और नरेंद्र सिंह तोमर के कट्टर समर्थक भारत सिंह कुशवाह का नाम भी शामिल हो सकता है।
विन्ध्य से राजेंद्र शुक्ला या गिरीश गौतम में से किसी एक को मौका मिल सकता है। इसमें पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल को दोबारा भी मंत्री बनाया जा सकता है। ओबीसी कोटे से रामलल्लू वैश्य और एससी से कुंवर सिंह टेकाम के नाम पर भी चर्चा है।
महाकौशल से अशोक रोहाणी या अजय विश्नोई में से किसी एक को मौका मिलेगा। पूर्व मंत्री संजय पाठक, गौरीशंकर बिसेन और एसटी कोटे से देवी सिंह सैयाम का नाम पर भी सहमति बन सकती है।
सिंधिया गुट से यह है नाम
डा. प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, हरदीप सिंह डंग और रणवीर जाटव के नाम भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। यह सभी ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं जो कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं।

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