मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सीएम शिवराज ने कही यह बडी बात, अटकलों का दौर तेज

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों क्या चल रहा है, इस पर सभी की निगाह लगी है। इस बीच क्या मध्यप्रदेश की राजनीति में सबकुछ ठीक चल रहा है। ऐसा नहीं कहा जा सकता। बुधवार को मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एक बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। तरह-तरह की अटकलें लगने लगी हैं कि अब कुछ बड़ा होने वाला है या कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इस बीच मंत्रिमंडल विस्तार पर उन्होंने जो कहा, उससे हर कोई हैरान हो गया। सीएम शिवराज ने कहा कि मंथन से अमृत निकलता है और विष शिव पी जाते हैं। इस बयान के बाद तरह-तरह की अटकलों का दौर तेज हो गया है। कोई यह कह रहा है कि दिल्ली में जो कुछ हुआ वो शिवराज के अनुरूप नहीं हुआ है। किसी ने यह भी कहा है कि कुछ बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दिल्ली से लौटने के बाद से ही बेचैन नजर आ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा है कि दिल्ली में पिछले दो-तीन दिन जो हुआ, वो किसी बड़े उलटफेर के भी संकेत देता है। यह भी अटकलें लगाई जा रही है कि शिवराज सिंह चौहान नाराज हैं। यह नाराजगी किससे है वो उनके बयानों से भी कयास लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान ने पिछले तीन दिनों तक दिल्ली में नए मंत्रियों के नामों पर मंथन किया, लेकिन इसमें क्या मिला यह कल पता चल पाएगा। क्योंकि गुरुवार को नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह होने जा रहा है।
इससे एक दिन पहले भी शिवराज सिंह चौहान ने एक ट्वीट कर अटकलों को हवा दे दी थी। इस ट्वीट में शिवराज का दर्द छलक रहा है। लोग इससे कई नेताओं की तरफ भी इशारा समझ रहे हैं। या मान कर चल रहे हैं कि सबकुछ ठीक नहीं है।
आये थे आप हमदर्द बनकर,
रह गये केवल राहज़न बनकर।
पल-पल राहज़नी की इस कदर आपने,
कि आपकी यादें रह गईं दिलों में जख्म बनकर।
इससे पहले दिल्ली में शिवराज सिंह चौहान ने कई दिग्गज नेताओं के साथ बारी-बारी से बैठक कर नए मंत्रियों के नामों पर चर्चा की। माना जा रहा है कि आलाकमान नई सूची से खुश नजर नहीं आया। उसमें कई बड़े बदलाव किए गए और इसी सिलसिले में कई दौर की बैठकें हुई। गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महामंत्री, राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई दिग्गज नेताओं के साथ भी कई दौर की बैठक की।
इधर, शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा बयान देकर मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को विराम दे दिया है। उन्होंने कहा है कि गुरुवार को नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह होगा। उन्होंने मंत्रिमंडल के बारे में मीडिया के सवाल के जवाब में कहा कि मंथन से अमृत निकलता है और विष को शिव पी जाते हैं। मध्यप्रदेश के नए मंत्रियों को शपथ दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वे बुधवार शाम को मध्यप्रदेश के प्रभारी राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करेंगी। अगले दिन नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगी। इधर, खबर है कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में चली मशक्कत के बाद बुधवार शाम को नए मंत्रियों की सूची भोपाल पहुंच जाएगी। शिवराज सिंह की तरफ से भेजी गई सूची में संशोधन के बाद नई सूची दिल्ली से लेकर विनय सहस्रबुद्धे भोपाल पहुंच रहे हैं।