मध्य प्रदेश में बारिश बनी आफत, सेना ने शुरू किया बचाव कार्य, 9 हजार लोगों को..

भोपाल: मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के कारण अधिकांश इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए। सबसे ज्यादा खराब स्थिति होशंगाबाद जिले की है। यहां बीते 24 घंटे में 340.4 मिमी बारिश हो चुकी है। ऐसे में नर्मदा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। जिले में लगातार भारी बारिश और तवा, बारना, बरगी बांध से पानी छोड़े जाने से नर्मदा नदी में बाढ़ की स्थिति बन रही है। प्रदेश में बाढ़ से निपटने के लिए सेना के पांच हैलीकॉप्टर बुलाए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को फिर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया।

सीएम ने कहा- मैं खुद रातभर हालात की जानकारी लेता रहा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी प्रदेश में बाढ़ के हालात के बारे में बताया। चौहान ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी है। रातभर प्रशासन और मैं स्वयं राहत और बचाव में लगा रहा। बाढ़ प्रभावित 12 जिलों के 411 गांवों के करीब 9 हजार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। कुछ जगहों पर बचाव और राहत कार्य जारी है। सीएम ने बताया कि राहत और बचाव कार्य में तेजी आने के लिए प्रधानमंत्री से सेना के 5 हेलीकॉप्टर मांगे। सेना के हेलीकॉप्टर आने के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था।

प्रदेश के 9 जिलों के 394 से ज्यादा गांवों में भीषण बाढ़ आई है। यहां के 7 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविर में ले जाया गया है। जहां पर रुकने, भोजन, दवाओं आदि सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रदेश के तीन जिले होशंगाबाद, सीहोर और रायसेन में कई गांव बाढ़ से घिरे हैं। छिंदवाड़ा जिले में 5 व्यक्तियों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बचाया गया। होशंगाबाद, रायसेन और सीहोर जिलों मे बाढ़ में मदद के लिए सेना बुलाई गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव कार्यों में लगी हैं।

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