एमपी में अब घर बैठे ऐसे दर्ज करवा सकेंगे FIR, यहां देखे विस्तार से…

भोपाल. कोरोना और लॉक डाउन के कारण अभी घर से निकलना मना है. ऐसे में अगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराना हो तो क्या किया जाए.लोगों की इसी परेशानी को समझते हुए पुलिस ने घर बैठे FIR दर्ज कराने की योजना लॉन्च की है.पुलिस मुख्यालय में प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और डीजीपी विवेक जौहरी ने FIR आपके द्वार पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया इसमें फिलहाल पूरे प्रदेश के कुछ थानों को शामिल किया है.
मध्यप्रदेश में अब घर बैठे एफ आई आर दर्ज कराई जा सकेगी. लॉक डाउन के दौरान इस सुविधा को पुलिस मुख्यालय ने शुरू किया है. गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एफ आई आर आपके द्वार पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया. वेबकास्ट के जरिए प्रदेशभर के अधिकारी इस शुभारंभ कार्यक्रम में जुड़े.इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के कुछ मिनटों बाद ही एक शिकायतकर्ता ने एक दर्ज भी करा दी.
डीजीपी वीके जौहरी ने बताया कि डायल 100 मौके पर जाकर सामान्य प्रकार के केस में FIR दर्ज करेगी. 11 जोनल मुख्यालय के साथ दतिया जिले में एक शहरी, एक ग्रामीण थाने में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया. आंकलन के बाद सामान्य केस में FIR दर्ज होगी.
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में 5 दिन में इस प्रोजेक्ट को लागू कर दिया गया. पुलिस का हर जवान जनता की सुरक्षा के लिए खड़ा है. देश में यह पहली पहल है, जो नजीर बनेगी. घर बैठे FIR करा सकेंगे. फिलहाल इसे प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया है, ज़रूरत के मुताबिक इसमें सुधार किया जाएगा.
यह पायलेट प्रोजेक्ट 11 संभागीय मुख्यालय और गैर संभागीय मुख्यालय के रूप में दतिया में सेवाएं प्रारंभ हुई. फिलहाल ये 3 महीने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. इसमें हर संभागीय मुख्यालय पर एक शहरी और एक ग्रामीण थाना क्षेत्र शामिल किया गया है. प्रोजेक्ट शुरू होने की देर थी कि भोपाल के एक शिकायतकर्ता ने अपनी गाड़ी चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी.
सामान्य घटनाओं में घर बैठे एफ FIR दर्ज कराई जा सकती है. इस प्रोजेक्ट को डायल 100 से जोड़ा गया है. सामान्य घटनाओं में मारपीट, गाड़ी चोरी, गाली गलौज, हंगामा या फिर दूसरी छोटी घटनाएं शामिल है. इन मामलों में घर बैठे FIR दर्ज करायी जा सकेगी. इस प्रोजेक्ट में गंभीर अपराध को शामिल नहीं किया गया है. यदि कोई झगड़ा होता है तो व्यक्ति सबसे पहले उसकी सूचना डायल 100 को दे. ये सूचना FRV को भेजी जायगी और एफआरबी तत्काल मौके पर पहुंचेगी. पूरी घटना का आंकलन करेगी. इसके बाद तत्काल मौके पर ही FIR. लिखी जाएगी. यह पायलट प्रोजेक्ट 3 महीने तक चलेगा. इसके बाद इसमें सुधार की गुंजाइश या कोई दूसरा फीचर ऐड करना है तो उसे ऐड करने के बाद प्रदेश भर के 1000 से ज्यादा थानों में इसे लागू कर दिया जाएगा.

loading…