एमपी के किसानों के खाते में आएंगे 2990 करोड, जानिए क्या आपको भी मिलेगा लाभ

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज किसानों को कुल 2990 करोड़ फसल बीमा राशि का ऑनलाइन भुगतान करेंगे। इससे प्रदेश के 14 लाख 93 हजार 171 किसान लाभान्वित होंगे। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने बताया कि 8 लाख 33 हजार 171 किसानों को खरीफ फसल की बीमा राशि के रूप में एक हजार 930 करोड़ रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। इसी प्रकार, 14 लाख 93 हजार 171 किसानों को रबी फसल की बीमा राशि के रूप में एक हजार 60 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सरकार बनते ही फसल बीमा की 2200 करोड़ रुपये की राशि का बीमा कंपनियों को प्रीमियम का भुगतान कर दिया था। इसके परिणाम स्वरूप ही किसानों को फसल बीमा की राशि प्रदान की जा रही है।
खरीफ और रबी दोनों फसलें शामिल : उन्होंने बताया कि खरीफ फसलों के तहत सोयाबीन, मक्का, धान, तुअर, बाजरा, ज्वार, कोदो, तिल, मूँगफली, कपास, मूँग और उड़द का बीमा हुआ है। इसी प्रकार, रबी फसलों के अंतर्गत गेहूँ, चना, सरसों, अलसी और मसूर का बीमा करवाया गया है।
इधर, प्रदेश के गृहमंत्री मंत्री नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक, भाजपा टास्क फोर्स अपने सुझाव सरकार को सौंपेगी। इसके आधार पर सरकार लॉकडाउन से छूट को लेकर अपना अंतिम प्‍लान तैयार करेगी। उन्‍होंने कहा कि शुक्रवार तक यह तय हो जाएगा कि किस आधार पर किस जिले में कितनी छूट देनी है। शुक्रवार को मंत्री मिश्रा ने वल्लभ भवन मंत्रालय में कोविड -19 को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जिसमें विधायक रामेश्वर शर्मा, विश्वास सारंग, विष्णु खत्री, कृष्णा गौर, आरिफ अकील, पीसी शर्मा और आरिफ मसूद प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
राजभवन में सचिवालय के अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी को कार्यालय आने के निर्देश जारी किए हैं। राज्यपाल के सचिव मनोहर दुबे ने बताया कि सचिवालय में पदस्थ 30 प्रतिशत कर्मचारियों की प्रतिदिन उपस्थि‍ति अनिवार्य की गई है। कक्ष अधिकारी द्वारा तय किया जाएगा कि किस कर्मचारी को किस दिन बुलाया जाना है। कार्यरत कर्मचारियों को आवश्यकता पड़ने पर कभी भी बुलाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी इस अवधि में सोशल डिस्टेंसिंग के प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। मास्क पहनेंगे। कार्यालय में स्वच्छता का सख्ती से पालन किया जायेगा। प्रत्येक कक्ष में सैनिटाइजर की व्यवस्था होगी। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सामान्यत: हर रोज कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है।

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