इंदौर में संक्रमित इलाके में लगातार ड्यूटी कर रहे एएसआई की मौत

इंदौर। कोरोना से जंग के बीच गुरुवार सुबह एक और दुखद खबर सामने आई। संयोगितागंज पुलिस थाने के एएसआई कुंवर सिंह खरते (42 साल) ने तड़के इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कोरोना से युद्ध के दौरान पुलिस विभाग में यह तीसरी मौत है। पहले जूनी इंदौर थाने के टीआई देवेंद्र चंद्रवंशी और फिर उज्जैन के नीलगंगा थाने के टीआई यशवंत पाल का निधन हो चुका है।
संयोगितागंज थाना प्रभारी राजीव त्रिपाठी के अनुसार, खरते लॉकडाउन के दौरान लगातार ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान उन्हें हार्टअटैक आया था। 24 अप्रैल को उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां उनकी सर्जरी की गई। शुगर होने से उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा था। उनका डायलिसिस भी किया गया, लेकिन किडनी डैमेज होने से उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मध्यप्रदेश में कोरोना का एपिसेंटर बने इंदौर में 18 अप्रैल को 45 साल के जूनी इंदौर के तत्कालीन थाना प्रभारी देवेंद्र चंद्रवंशी की मौत हो गई थी। वे पिछले 19 दिन से अरबिंदो अस्पताल में भर्ती थे। चंद्रवंशी की पहली कोरोना रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। बाद में 13 और 15 अप्रैल की रिपोर्ट निगेटिव आई। अस्पताल प्रबंधन के प्रमुख डॉ. विनोद भंडारी का कहना था कि चंद्रवंशी की मौत का मुख्य कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म है।
उज्जैन के नीलगंगा थाना टीआई यशवंत पाल (59) की कोरोना से इंदौर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 27 मार्च को उनके थाना क्षेत्र की अंबर कॉलोनी में कोरोना पॉजिटिव संतोष वर्मा की मौत हुई थी। इसके बाद इस कंटेनमेंट एरिया की व्यवस्था टीआई खुद देख रहे थे। यहीं पर वे संक्रमित हुए और उनकी हालत बिगड़ती चली गई। लंबे इलाज के बाद इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे उनकी मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि पाल एक महीने से उन्हें सर्दी और बुखार बना हुआ था। वे मूलत: बुरहानपुर के रहने वाले थे।

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