मेरे दोस्त की मां नहा रही थी और पीछे से पडोसी कर रहा था ये काम….धोखे से मैं भी पहुंच गया

नई दिल्ली। समाज में आजकल विवाहेतर संबंधों की इतनी खबरें आने लगी है, लगने लगा है जैसे कि अब ये आम हो गया है। ऐसा होना एक सामान्य सी बात है। एक सवाल जवाब वेबसाईट पर एक युवक ने अपनी आपबीती शेयर की है, जिसमें उसने अपने दोस्त की मां को कुछ ऐसा करते देखा जिससे उसके पैरो तले की जमीन खिसक गई।

आप भी जानें इस पूरी घटना के बारे में उसी युवक की जबानी

समझ नहीं आ रहा कि मैं अपने जीवन का ये रहस्य मैं आप लोगो के साथ साझा करू अथवा नहीं फिर सोचा की चलो साझा कर देता हूँ पर मैं अपनी पहचान छिपा कर रखना चाहता हूँ.

उस समय मैं करीब १४ साल का बच्चा रहा हूँगा और मेरे पास नई नई नोकिआ २५१० मोबाइल आयी थी मैं बहुत खुश था. पड़ोस में कुछ दूर पर मेरे एक दोस्त का घर था मैं अक्सर उसके घर जाता था.

उस दिन भी गया उसके घर का आंगन घर के बहार ही था. उसकी माँ पापा उसकी छोटी बहन और उसकी दादी घर पर रहते थे उसके पापा प्राइवेट टीचर थे.

मुझे अच्छे से याद है उस समय हमारे एग्जाम चल रहे थे मैं और मेरा दोस्त दोनों एग्जाम देकर घर वापस आ गए थर पर उसकी छोटी बहन और उसके पापा दोनों लोग अभी स्कूल में ही थे.

मैं दोपहर को उसके घर जाने के लिए निकला जैसे ही मैं उसके घर के आगे पंहुचा मुझे कुछ फुसफुसाने की आवाज आयी मुझे लगा की ये आवाज उसके घर के सामने बने आंगन से आ रही थी.

मैं देखने के लिए थोड़ा और पास चला गया. फिर मैंने जो देखा वो देख कर दंग रह गया. मेरे उस दोस्त की माँ उसके पडोसी के साथ बाटे कर रही थी वो भी अर्धनंग होकर.

उसकी माँ नहाने गयी थी और शायद वो पडोसी उसी समय वहां आ गया होगा.

रह-रह कर वो औरत को टच भी कर रहा था. इतना सब देख कर मेरे दिल की धड़कन इतनी तेज हो गयी की. मैं कॉंपने लगा जल्दी से भागा पर पेअर स्लिप हो गया और मैं पास के रखे टिन पर गिर गया.

शायद उसकी माँ को मेरी मौजूदगी का पता चल गया होगा. मैं फिर भी जल्दी से भाग कर अपने दोस्त के पास पंहुचा वो पढाई कर रहा था. मैं भी उसके साथ पढ़ने का नाटक करने लगा करीब आधे घंटे बाद उसकी माँ आयी और मुझ से हाल चाल पूछने लगी.

मैं अब उनसे नजारे नहीं मिला पा रहा था. उन्होंने कहा की यहाँ किचन में कुछ चिप्स है ला कर दोनों लोग खा लो. मैं किचन में गया तो वो भी पीछे से आ गयी और मुझ से सीधे सीधे पूछा की तुमने क्या देखा मैंने कहा कुछ नहीं. वो हाथ जोड़ कर बोली की प्लीज अपने दोस्त को या उसके पापा को कुछ मत बताना. मैंने कहा ठीक है.

फिर मैं वहां से चिप्स लेकर चला आया. करीब २ घंटे बाद आपने घर आ गया. उस समय तो मुझे कुछ अजीब या बुरा नहीं लगा पर जैसे जैसे मैं बड़ा हुआ समाज के बारे में जानकारी हुई तो मुझे उस दिन वाली बात खुलकर समझ आ गयी. पर मैंने आज तक ये बात किसी को नहीं बताई. ये तस्बीर उस समय की नहीं है पर कंडीशन एक दम सेम थी. इसलिए मैंने ये तस्वीर डाल दी जिस से आप मेरी भावनाओ को आसानी से समझ सको।

Trending Posts

loading…