अलग-अलग स्टेप के थे अलग-अलग रेट, 20 हजार में देती थी फुल सर्विस, सीन देख…

गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में नोएडा की सेक्टर-24 थाना पुलिस ने सेक्टर-12 स्थित एक गेस्ट हाउस में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सात युवकों को गिरफ्तार किया है। जबकि एक किशोरी समेत चार लड़कियों को हिरासत में लिया है। पुलिस को मौके से आपत्तिजनक सामग्री, शराब की बोतलें भी मिली हैं। एक युवती को आरोपी बिहार से प्रेमजाल में फंसाकर शादी करने के लिए लाया था। कुछ दिन बाद ही उसे देह व्यापार में धकेल दिया गया था। पुलिस इस मामले की अलग से जांच कर रही है।

यह भी जांच की जा रही है कि मकान मालिक को इस धंधे की जानकारी थी या नहीं। मकान में करीब तीन माह से सेक्स रैकेट चल रहा था। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि ऑन डिमांड सेक्स रैकेट चलाने की जानकारी मिली थी। एसीपी रजनीश वर्मा और थानाध्यक्ष प्रभात दीक्षित को जांच में लगाया गया था। मौके पर दो स्थानीय लोगों को ग्राहक बनाकर भेजा गया। सूचना सही मिलने पर दबिश देकर सात युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया।

इनमें गेस्ट हाउस संचालक/प्रबंध निदेशक सहारनपुर के थाना मंडी बिस्किट वाली गली निवासी विशाल कंबोज, निदेशक बिहार-मुजफ्फरपुर निवासी राजन, फरीदाबाद व पलवल निवासी मैनेजर विपुल चुग, अल्मोड़ा निवासी दयाल, गेस्ट हाउस का केयरटेकर लखनऊ के खुर्रमनगर निवासी रिजवान और खाना बनाने व सर्विस देने वाले बुलंदशहर निवासी सुमित व आकाश को गिरफ्तार किया है।

वहीं, बिहार व पश्चिम बंगाल की दो-दो लड़कियों को भी पकड़ा गया। बिहार निवासी लड़कियों को राजन लेकर आया था। एक साल पहले बिहार से प्रेमिका को शादी करने के बहाने नोएडा लाया था। यहां पर उसने कुछ दिन तक उसे सहमति संबंध में रखा और देह व्यापार में लगा दिया। लड़की ने विरोध किया तो उसे धमकी दी गई।

ग्राहकों को दिखाए ऑनलाइन फोटो
पुलिस ने जिन दो लोगों को ग्राहक बनाकर गेस्ट हाउस में भेजा था। वहां पर जाने के बाद गेस्ट हाउस के लोगों ने लड़कियों से मिलवाया। जब दोनों ने उन्हें पसंद नहीं किया तो ऑनलाइन फोटो दिखाए गए और दावा किया जो लड़की पसंद आए वह उसे तत्काल बुला देंगे। इसके अलावा आरोपी एस्कॉर्ट सर्विस भी चला रहे थे।

विदेशी कंपनी के अधिकारियों के नाम पर बनाया था गेस्ट हाउस
गेस्ट हाउस संचालक व प्रबंध निदेशक विशाल कंबोज ने नोएडा निवासी कृति से 70 हजार रुपये में मकान किराये पर लिया था। इसमें गेस्ट हाउस बनाते समय आसपास के लोगों ने जानकारी मांगी तो आरोपियों ने बताया कि एक विदेशी कंपनी के अधिकारी यहां रहने के लिए आएंगे। कंपनी में 24 घंटे काम होता है। जिस भी कर्मचारी को आराम करना होगा तो वह यहां आएगा। यह कंपनी की ओर से निशुल्क सुविधा दी गई है, ताकि कर्मचारी बेहतर काम कर सकें। कुछ दिन बाद जब गलत गतिविधियां होने लगीं तो लोगों ने पुलिस से शिकायत कर दी।

2 हजार से 20 हजार रुपये में मुहैया कराते थे लड़कियां
एसीपी रजनीश कुमार वर्मा ने बताया कि जांच में आरोपियों के मोबाइल से करीब 30 से 35 युवतियों के फोटो मिले हैं। फोटो ग्राहकों को दिखाए जाते थे और पसंद आने पर फोन कर युवतियों को बुला लिया जाता था। फोटो दिखाने के दौरान ही पैसे बता दिए जाते थे। फोन में लोगों की व्हाट्सअप चेट मिली है। इसमें रेट तय किए जाने का जिक्र है।

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