शादी के एक साल तक महिला को नहीं होना चाहिए गर्भवती, यह है कारण

शादी के बाद बहुत सी ऐसी बातें हैं जिनका ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उन्हें लेकर कई धार्मिक मान्यताएं होती है. ऐसे में वास्तुशास्त्र में कहा जाता है कि ”नव-विवाहित जोड़ों को शादी के बाद कुछ काम नहीं करने चाहिए..” आज हम आपको उन्ही के बारे में बताने जा रहे हैं.

1. धार्मिक स्थल पर हनीमून :- जी दरअसल शास्त्रों में कहा गया है कि नव-विवाहित जोड़ों को कभी भी किसी धार्मिक स्थल पर हनीमून पर नहीं जाना चाहिए. वहीं अगर आप फिर भी भगवान के दर्शन को जाना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि उस स्थल का संबंध भगवान शिव से न हों.

2. एक साल में गर्भ धारण :- कहते हैं कि भले ही भगवान शिव ने पार्वती से शादी की थी लेकिन भगवान शिव वैरागी थे. वहीं अगर एक साल के अंदर वह लड़की गर्भ धारण कर लेती है तो कहा जाता है कि होने वाला शिशु भी वैरागी बनता है.

3.शिवलिंग को छूने बचना :- कहते हैं शादी के एक साल तक नव विवाहित लड़की को शिवलिंग को छूने बचना चाहिए. इसी के साथ उसे पार्वती मां की पूजा करनी चाहिए और एक साल के बाद यह बात मायने नहीं रखती.

4. शयनकक्ष की दिशा :- वास्तुशास्त्र के मुताबिक नव विवाहित जोड़ों का शयनकक्ष दक्षिण-पश्चिम कोने में होना चाहिए. वहीं इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका शयनकक्ष दक्षिण-पूर्व में कभी न हो, इससे दोनों के बीच क्लेश आएगा.

5. लकड़ी का बेड :- वास्तु के अनुसार नव विवाहित कपल को लकड़ी के बिस्तर पर सोना चाहिए और ध्यान रखें कि आपका सर दक्षिण-पश्चिम दिशा में हो.

6. कमरे का कलर :- नव विवाहित जोड़ों के कमरे में ग्रीन, ब्लू, पिंक रंग होना चाहिए और ध्यान रखें कि कमरे का कलर लाल न हो.

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