दुल्हन ने सहेलियों को बताया 3 महीने से नहीं मनीं सुहागरात, तो पति ने निकलवाई…….

हल्द्वानी। एक नवविवाहिता के अरमानों पर उस समय ब्रजपात हो गया, जब सुहाग की सेज पर उसे पता लगा कि उसका पति समलैगिंक (गे) है। उसने यह बात अपने मायकेवालों को बताई। इसकी भनक लगने पर पति और ससुरालियों ने उसे बंधक बनाकर पीटा। आरोप है कि इससे पूर्व ससुरालियों ने उसके परिजनों से फॉरच्यूनर कार और 10 लाख रुपये की मांग भी की। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

काशीपुर निवासी विवाहिता ने पुलिस को तहरीर देकर कहा कि उसकी शादी 18 नवंबर 2018 को यूपी के थाना चिनहट (लखनऊ) निवासी युवक से हुई थी। शादी में उसके परिजनों ने पांच लाख रुपये और सामान दिया था। विवाह पर 20 लाख रुपये से अधिक का खर्च आया था। शादी के दो दिन बाद वह मायके आ गई। उसका पति गुरुग्राम में नौकरी करता है। मायके से पति उसे सीधे गुरुग्राम ले गया, जहां कई दिन तक पति ने उससे बात नहीं की। वह कई दिन तक बीमार होने का बहाना कर उससे कन्नी काटता रहा।

इस दौरान वह दवाइयों का सेवन भी करता रहा। धीरे-धीरे पति ने राज खोला कि कई युवकों से उसके संबंध है। वह किसी औरत के लायक नहीं है। पति के मुंह से समलैंगिक होने की बात सुनकर विवाहिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद उसने अपनी सहेलियों को फोन कर इस बारे में बताया। यह बात उसके परिजनों तक पहुंच गई। पांच जनवरी 2019 को परिजन उसे वापस काशीपुर ले आए।

12 जनवरी 2019 को ससुर काशीपुर आए और माफी मांगते हुए उसके पति का इलाज कराने का भरोसा दिलाकर उसे विदा कराकर ले गए। कुछ दिन बाद पति उसे ससुराल लखनऊ में छोड़ गया। इसके बाद वह पति के इलाज में रकम खर्च होने की बात कहकर पांच लाख रुपये और फॉरच्यूनर कार की मांग पर अड़ गए।

आरोप है कि नकदी और कार देने से मना करने पर 25 फरवरी 2019 को ससुरालियों ने उसे कमरे में बंधक बनाकर मारा पीटा। सूचना पर पहुंची लखनऊ पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। 27 फरवरी को परिजन उसे लखनऊ के अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर काशीपुर ले आए। महिला हेल्पलाइन में काउंसिलिंग के बाद पुलिस ने पति समेत नौ आरोपियों के खिलाफ धारा 498 ए, 323, 504, 506, 3/4 दहेज अधिनियम में केस दर्ज कर लिया है।

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