एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन के लिए कर रहे हैं दो कॉन्डम का यूज…लीक हुआ तो…

सेक्शुअल इंटरकोर्स से पहले कॉन्डम का यूज करना कितना जरूरी है, इस पर नए सिरे से बात करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि हम सभी इसकी इंपॉर्टेंस को समझते हैं। अब सवाल यह उठता है कि दो कॉन्डम यूज करना कितना सही और सेफ है?

कॉन्डम फेल्यॉर रेट
कई बार लोगों को इस तरह की शिकायत होती है कि इंटरकोर्स के दौरान कॉन्डम ब्रेक होकर लीक हो जाता है…हालांकि ऐसे केसेज अपवाद स्वरूप हो सकते हैं क्योंकि कॉन्डम को बनाने की प्रॉसेस के दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है कि किसी भी स्थिति में यह लीक ना हो।

दो कॉन्डम डबल सेफ्टी
अनचाहे गर्भ और सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज से से सुरक्षा के लिए कॉन्डम काफी सेफ माने जाते हैं। लेकिन कॉन्डम फेल्यॉरिटी के कारण कई बार अनचाहे गर्भ जैसे केसेज हो जाते हैं। लेकिन इनका प्रतिशत बहुत कम होता है।

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कॉन्डम का तरीका
बात अगर मेल कॉन्डम की करें क्योंकि यही सबसे अधिक यूज किए जाते हैं तो पीनिस इरेक्शन होने के बाद जब पुरुष इसे वियर करते हैं तो इसके आगे एक फिंगर टिप से भी कम स्पेस बचता है, जो इसे बनाते वक्त इस तरह डिजाइन किया जाता है ताकि सीमन को इसमें स्टोरी किया जा सके।

डबल कॉन्डम से परेशानी
हालांकि डबल कॉन्डम यूज करने से किसी तरह की परेशानी नहीं होती है। बल्कि एक कॉन्डम के ऊपर दूसरा कॉन्डम पहनकर इंटकोर्स करनेवाले लोगों का रेस्पॉन्स है कि ऐसा करने से फ्रिक्शन ज्यादा होता है और पीनिस में ज्यादा टेंशन क्रिएट होती है।

डबल सेफ्टी का सवाल
अगर आपको लगता है कि डबल कॉन्डम यूज करने से लीकेज का डर नहीं रहता है तो आप गलत हो सकते हैं। क्योंकि एक के ऊपर एक कॉन्डम पहनने से कोई सा भी कॉन्डम पीनिस पर पर्फेक्टली फिट नहीं हो पाता है और इससे लीकेज के चांस कम होने की जगह बढ़ सकते हैं।

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