हरियाणा के पशुओं का दूध इंटरनेशनल ट्रेड के लिए, अब 100 प्रतिशत शुद्ध माना जाएगा

हिसार :इंटरनेशनल ट्रेड के अब हरियाणा के दुधारू पशुओं का दूध सौ टका शुद्ध होगा। इसका कारण है कि हरियाणा अपने यहां पशुओं को गलघोटू और मुंहखुर (एफएमडी एवं एचएस) बीमारी से मुक्त कराने जा रहा है। देश में हरियाणा पहला राज्य है जहां पशुओं को दोनों बीमारियों में ड्यूल टीकाकरण हुआ। इंटरनेशनल ट्रेड के लिए यह सबसे पहली शर्त होती है कि दो वर्ष तक उस स्थान पर गलघोटू और मुंहखुर बीमारी नहीं होनी चाहिए।

हाल ही में हरियाणा अपने दो वर्ष पूरे कर लेगा। खास बात तो यह है कि इस अभियान को देश में सबसे पहले करने में पशुपालन विभाग का अहम योगदान है। जब कोरोना काल यानि मई माह में लोग अपने घरों में थे तब वेटेनेरियन गांव-गांव जाकर पशुओं को इन दिनों बीमारियों की वैक्सीन लगा रहे थे। अब दूसरे चरण में टीकाकरण जारी है।

पशुपालन विभाग की मानें प्रदेश में कुल 60 लाख पशुओं को यह टीका दिया जाना है। जिसमें 24 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इस टीकाकरण से हरियाणा इन दोनों बीमारियों से मुक्त हो जाएगा। इस कार्य में 1100 से अधिक पशु चिकित्सक व पैरा वेटेनेरियन जुटे हुए हैं। इस वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान में रखा जाता है। ऐसे में गांव तक कोल्ड चैन बनाना एक बड़ी चुनौती रही। इसमें सबसे अधिक वैक्सीन हिसार जिला में पशुओं को लगाई जा रही है।

मुंहखुर- यह एक विषाणु जनित बीमारी है। इस बीमारी में पशु के मुंह में छाले व पैरों में घाव हो जाते है तथा तेज बुखार आता है। पशु दूध देना बंद कर देता है व पूर्ण रूप से कमजोर हो जाता है।

गलघोटू- यह बैक्टिरीया जनित बीमारी है। इससे पशु को तेज बुखार आता है। गले में सूजन आती है तथा पशु को सांस लेने में दिक्कत आती है। इसमें 90 प्रतिशत पशुओं की मृत्यु हो जाती है। इन दोनो ही बीमारियों में पशुपालक को नुकसान झेलना पडता है। क्योंकि या तो बीमारी से ग्रसित पशु की मृत्यु हो जाती है या पशु दूध देना बंद कर देता है।

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