बिना संबंध बनाये प्रेग्नेंट हो गई लडकी, जांच की तो वैज्ञानिकों के उडे होश

लंदन। क्या ये संभव है कि कोई महिला बिना शारीरिक संबंध बनाए गर्भवती हो जाए? वह भी तब जब उसने सिर्फ ओरल सेक्स किया हो और उसके पेट में चाकू तक मारा गया हो. ऐसे कई मामले मेडिकल साइंस में सामने आते हैं, जो डॉक्टरों और लोगों को हैरान कर देते हैं. ये खबर भी ऐसे ही एक मामले के बारे में है?

यहां जिस लड़की की बात हो रही है वो सिर्फ 15 साल की थी. वो अस्पताल गई और उसने बताया कि उसके पेट में दो लड़कों ने चाकू मारा है. उनमें से एक उसका ब्वॉयफ्रेंड है, जबकि दूसरा उसका पुराना ब्वॉयफ्रेंड. उसे यह नहीं पता कि चाकू किसने मारा क्योंकि उससे पहले तीनों में छोटी सी लड़ाई हुई थी. लड़की के बाएं हाथ पर तेज घाव था, जिसकी वजह से हाथ का एक हिस्सा लटक गया था. एक घाव उसके पेट के ऊपरी हिस्से में था.

लड़की को तत्काल सर्जरी के लिए ले जाया गया. उसके घावों की जांच की गई. पेट का घाव काफी गहरा था और आमाशय तक गया था. आमाशय सर्जरी के समय खाली था. उसके अंदर न कोई खाने की वस्तु थी, न गैस बनी थी. लड़की को अस्पताल में 10 दिन रखने के बाद ठीक होने पर घर भेज दिया गया.

मामले में ट्विस्ट तब आया जब लड़की करीब नौ महीने बाद वापस अस्पताल पहुंची. उसे पेट में दर्द हो रहा था. डॉक्टरों ने उसकी पुरानी रिपोर्ट के आधार पर जांच की तो हैरान रह गए. लड़की गर्भवती थी. उसके पेट में खिंचाव हो रहा था. डॉक्टरों की हैरानी की वजह ये थी कि लड़की के शरीर में ब्लाइंड वेजाइना (Blind Vagina) थी, जिसकी गहराई सिर्फ 2 सेंटीमीटर थी. यानी न तो वो इंटरकोर्स कर सकती थी और न ही गर्भवती हो सकती थी.

डॉक्टरों ने पहले उसका सीजेरियन ऑपरेशन करके एक स्वस्थ बच्चे का जन्म कराया. उसके बाद जब लड़की ठीक हुई तो उससे पूछताछ हुई कि ये सब कैसे हुआ? लड़की ने बताया कि उसे पता था कि उसकी वैजाइना नहीं है. इसलिए वह ओरल सेक्स करती थी. जब उसे चाकू मारा गया था, उससे थोड़ी देर पहले उसने अपने नए ब्वॉयफ्रेंड के साथ यही किया था. तभी पुराना ब्वॉयफ्रेंड आ गया और उससे कहासुनी हो गई. फिर चाकूबाजी की घटना हुई.

लड़की ने बताया कि उसे कभी भी Periods नहीं आए. लेकिन उसे भरोसा नहीं हुआ कि वह गर्भवती थी. उसका पेट 9 महीने तक फूलता रहा उसे इस बात का जरा सा भी ख्याल नहीं आया. डॉक्टरों ने बताया कि वह ओरल सेक्स से गर्भवती हुई है. जिसपर लड़की भी हैरान थी. फिर डॉक्टरों ने इसके पीछे की वजह बताई.

डॉक्टरों ने लड़की को बताया कि हो सकता है कि कोई स्पर्मैटोजोआ पेट के घाव के रास्ते प्रजनन अंगों तक पहुंचा हो. इसे वहां तक पहुंचाने में उच्च पीएच वाले सलाइवा ने मदद की हो. क्योंकि जब चाकू के घाव की सर्जरी हुई तब लड़की का पेट खाली था. यानी शरीर में एसिड का निर्माण नहीं हो रहा था. एसिड निर्माण होता तो स्पर्मैटोजोआ प्रजनन अंग तक नहीं जा पाता.

ये रिपोर्ट ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में ‘ओरल कॉन्सेपशनः इम्प्रिगनेशन वाया प्रॉक्सिमल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट इन पेशेंट विद ऐन एप्लास्टिक डिस्टल वैजाइना’ के नाम से प्रकाशित हुई थी. इस रिपोर्ट को मशहूर मेडिकल जर्नल द लैंसेट ने भी प्रकाशित किया था.

दुनिया में सिर्फ ये इकलौता हैरान करने वाला मेडिकल केस नहीं है. ऐसी एक महिला की रिपोर्ट भी सामने आई थी, जिसे माहवारी आने पर आंखों से खून निकलता था. इसके अलावा एक ऐसे आदमी की भी रिपोर्ट आई थी जिसके पैर मल निष्कासन के समय लकवाग्रस्त हो जाते थे. उसे किसी तरह की फीलिंग नहीं महसूस होती थी.