घोड़ी नहीं चढ़ पा रहा था दूल्हा, लड़की ने शादी से कर दिया मना, बिन दुल्हन लौटी बारात

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से शादी का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां के विवाह घर में शादी का आयोजन हुआ था. बाराती और घराती सभी पहुंचे थे. दूल्हा पक्ष के लोग बारात की तैयारी कर रहे थे. वहीं दुल्हन पक्ष के लोग बारातियों के स्वागत में खड़े थे. बारात निकलने वाली थी. घोड़ी भी आ गई. लेकिन दूल्हा घोड़ी पर बैठ ही नहीं पा रहा था. इस दौरान बार-बार गिर जा रहा था. इसकी जानकारी जब दुल्हन को हुई तो उसने शादी से इंकार कर दिया. दूल्हा बिन दुल्हन बारात लेकर वापस चला गया.

घोड़ी पर बैठ नहीं पा रहा था दूल्हा
दरअसल, जिले के खुटार निवासी वधु पक्ष के लोग बीते गुरुवार को शादी के लिए शाहजहांपुर के सदर बाजार स्थित एक विवाह घर में आई थी. शाम को वर पक्ष के लोग सुभाषनगर से बैंड-बाजा बारात के साथ मैरिज लान पहुंचे. यहां पर द्वार पूजा की रस्म के लिए बारात निकलने वाली थी. दूल्हे को घोड़ी पर बैठना था. लेकिन दूल्हा शराब के नशे में इतना चूर था कि वह घोड़ी पर बैठ नहीं पा रहा था. इस दौरान वह कई बार गिरा. इसकी जानकारी दुल्हन को भी हो गई. दूल्हे को नशे में लड़खड़ाते हुए देख कर दुल्हन आग-बबूला हो गई.

दुल्हन बोली- जीवन कर देगा खराब
दूल्हे को इस हाल में देख दुल्हन ने कहा, जो अपनी शादी के दिन इतनी शराब पिए है कि उसे होश नहीं है तो वह उसकी जिंदगी की खराब कर देगा. इसके बाद लड़की ने शराबी दूल्हे से शादी से साफ इन्कार कर दिया. दुल्हन द्वारा शादी से इनकार किए जाने के बाद हड़कंप मचा गया.

मनाने के बाद भी शादी के लिए तैयार नहीं हुई दुल्हन
इसके बाद दोनों पक्षों के लोगों ने मामले को शांत कराया. फिर द्वाराचार हुआ. लड़खड़ाते हुए स्टेज पर पहुंचे दूल्हे ने दुल्हन के गले में माला भी डाली. बारातियों ने खाना भी खाया. इसके बाद बचे केवल लड़की और लड़के वाले. दुल्हन का दिमाग बहुत खराब हो चुका था, उसने अपने परिजनों को साफ कह दिया कि वह शराबी से शादी नहीं कर सकती. लड़की के फैसले पर उसके परिजनों ने भी सहमति देकर लड़के वालों से नमस्ते कर ली.

बिन दुल्हन लौटी बारात
लड़के वाले दुल्हन पक्ष पर शादी के लिए दबाव बनाने लगे तब लड़की वालों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस बुला ली. विवाह की आगे की रस्में रोक दी गईं. शुक्रवार सुबह उस्मानबाग पुलिस चौकी में दोनों पक्षों की बात पुलिस ने सुनी. फिर यह तय हुआ कि एक-दूसरे को दिया गया सामान दोनों पक्ष वापस कर दें. दूल्हा अपने घर जाए और दुल्हन अपने घर जाए. इस बात पर समझौता हो गया. इस मामले में दारोगा अशोक पाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज कराने को लड़की वाले तैयार नहीं थे, समझौते पर राजी होकर वह चले गए.