सेंधा नमक से होते हैं इतने फायदे, जानकर हो जाएगे हैरान

क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि जब आपके पैरों में दर्द होता है या सूजन आती है, तो घर के बड़े-बुजुर्ग कौन-से नमक के पानी में पैर डालकर रखने के लिए कहते हैं? अगर आपको लगता है कि यह हर रोज खाने में उपयोग होने वाला नमक है या रॉक साल्ट है, तो आप गलत हैं। इस खास नमक को एप्सम सॉल्ट कहते हैं। हालांकि, इसे सेंध या सेंधा नमक भी कहते हैं, लेकिन यह रॉक सॉल्ट और व्रत में खाने वाला सेंधा नमक नहीं है। इस लेख में हम सेंधा नमक के फायदे बताएंगे, जिसके बारे में शायद कम ही लोग जानते होंगे।

सेंधा नमक क्या है?
सेंधा नमक क्या होता है, अक्सर यह सवाल लोगों के दिमाग में उठता है। यह नमक नहीं बल्कि स्वाभाविक रूप से पाया जाने वाला एक मिनरल है, जो मैग्नीशियम और सल्फर से मिलकर बना है। इसे एप्सम सॉल्ट (Epsom salt) के नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम मैग्नीशियम सल्फेट है।

सेंधा नमक के फायदे

तनाव कम करने के लिए
सेंधा नमक के पानी से नहाने या फ्लोटेशन रेस्ट थेरेपी लेने से तनाव काफी हद तक कम हो सकता है। इस थेरेपी के दौरान पीड़ित व्यक्ति को नमक वाले गुनगुने पानी से भरे टैंक में लेटाया जाता है। एक शोध के दौरान इससे स्ट्रेस में ही नहीं बल्कि मांसपेशियों में होने वाले दर्द, अवसाद और चिंता में भी कमी पाई गई है । हफ्ते में दो से तीन बार सेंधा नमक से नहाने के फायदे को उठाया जा सकता है। इससे स्ट्रेस से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

मांसपेशियों में खिंचाव, पैर दर्द और हल्की खरोंच के लिए
सेंधा नमक से नहाने के फायदे में मांसपेशियों का खिंचाव और पैर दर्द से राहत भी शामिल है। गर्म पानी में सेंधा नमक डालकर उससे नहाने या पैर डुबोने से आराम मिल सकता है। इससे न सिर्फ पैर दर्द कम होगा बल्कि मांसपेशियों में खिंचाव, ऐंठन और दर्द से भी राहत भी मिल सकती है । माना जाता है कि यह ब्रूस यानी हल्की खरोंच व त्वचा के छिलने पर भी राहत दे सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी शोध की आवश्यकता है।

मधुमेह नियंत्रण के लिए
कई बार शरीर में मैग्नीशियम की कमी भी डायबिटीज का कारण बन जाती है। डायबिटिक लोगों के शरीर से मैग्नीशियम यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है। ऐसा होने से टिश्यू इंसुलिन के प्रति असंवेदनशील हो जाते हैं, जिससे इंसुलिन हार्मोन का स्तर कम हो सकता है और डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से माना जाता है कि सेंधा नमक से इंसुलिन प्रतिरोध और डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है । इसके लिए सेंधा नमक के सप्लीमेंट का सेवन किया जा सकता है । ध्यान रहे कि इसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर से अवश्य परामर्श लें, क्योंकि इसका अधिक सेवन विषाक्तता का कारण बन सकता है।

कब्ज की समस्या
सेंधा नमक में लैक्सेटिव गुण होता है। यह गुण पेट साफ करने में मदद कर सकता है। एक रिसर्च में कहा गया है कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि एप्सम सॉल्ट पाचन हार्मोन और न्यूरोट्रांसमीटर को रिलीज करके शक्तिशाली लैक्सेटीव प्रभाव को दर्शाता है।

पाचन
गलत खान-पान के कारण कई लोगों को पाचन से संबंधित समस्याएं होती हैं। पाचन शक्ति को सुधारने में सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है। एक शोध के मुताबिक सेंधा नमक डाइजेस्टिव हार्मोन्स को रिलीज करता है। इसी वजह से माना जाता है कि सेंधा नमक का पानी पीने के फायदे में पाचन में मदद व सुधार भी शामिल है।

सिरदर्द और माइग्रेन
सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या आम है। माना जाता है कि मैग्नीशियम की कमी होने से माइग्रेन का दर्द हो सकता है। ऐसे में मैग्नीशियम की कमी को कुछ हद तक एप्सम सॉल्ट पूरा कर सकता है, जिससे सिरदर्द और माइग्रेन कम हो सकता है । इसके लिए डॉक्टरी परामर्श पर एप्सम सॉल्ट के सप्लीमेंट लिए जा सकते हैं। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

बालों के लिए सेंधा नमक
सेंधा नमक बालों के लिए भी गुणकारी हो सकता है। बताया जाता है कि मैग्नीशियम बालों की ग्रोथ के लिए जरूरी मिनरल्स में से एक है । इसी वजह से लोग इसको घोल से बालों को साफ करते हैं। साथ ही इसे बालों के स्प्रे की तरह भी उपयोग करते हैं। माना जाता है कि बालों के रोम से मैग्नीशियम आसानी से शरीर में प्रवेश कर सकता है।

त्वचा के लिए सेंधा नमक के लाभ
जैसा कि हम ऊपर बता ही चुके हैं कि सेंधा नमक त्वचा को हाइड्रेट कर सकता है। इसके लिए सेंधा नमक को पानी में घोलकर रूई की मदद से चेहरे पर लगाया जा सकता है या फिर नहाते हुए स्किन को एप्सम वाटर में सोक करके रख सकते हैं । कुछ लोग त्वचा विकार के लिए भी एप्सम सॉल्ट की गुनगुनी सिकाई का इस्तेमाल करते हैं ।

सेंधा नमक के नुकसान
सेंधा नमक के ज्यादा उपयोग से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। नीचे हम कुछ संभावित सेंधा नमक के नुकसान के बारे में बता रहे हैं ।

अगर किसी को डायबिटीज है, तो एप्सम सॉल्ट के पानी में बिना डॉक्टर की सलाह के पैर नहीं डुबोने चाहिए। ऐसा करने से सेंधा नमक के नुकसान हो सकते हैं।
जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि इसमें लैक्सेटिव गुण होते हैं, इसलिए इसका ज्यादा सेवन डायरिया की वजह बन सकता है। गर्भवती महिलाओं को सेंधा नमक का उपयोग करने से बचाना चाहिए या फिर डॉक्टर के परामर्श पर ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसका लंबे समय तक ज्यादा उपयोग करने से विषाक्तता हो सकती है। अगर सेंधा नमक को सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो सेंधा नमक के फायदे शरीर को कई तरह से हो सकते हैं। इसके नुकसानों को पढ़कर घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि किसी भी चीज का अत्यधिक उपयोग हानिकारक होता है। सेंधा नमक के गुण से फायदा तभी होगा जब इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए।

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