बिहार में नाइट्रोजन गैस के रिसाव से मची अफरातफरी, जान बचाने के लिए घरों से भागे लोग

पटना: बिहार की राजधानी पटना में स्थित एक बर्फ की फैक्ट्री में गैस रिसाव होने की खबर आई है। अभी तक इस घटना में किसी भी प्रकार कि कोई जनहानि नहीं हुई है। गैस रिसाव के बाद से ही पुलिस फैक्ट्री मालिक की खोजबीन कर रही है।

पूरा मामला कुछ यूं है पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र के बिग्रहपुर इलाके में अफरा त्तफरी मच गई जब एक बर्फ की फैक्ट्री से नाइट्रोजन गैस का रिसाव होना शुरू हो गया।

गैस के रिसाव होने से आस पास के इलाके में हलचल मच गई। तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी गई गई। जिसके तत्काल बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने फौरन इलाके को खाली करवा दिया। घटनास्थल पर पहुंचते ही अधिकारियों ने जांच में पाया की नाइट्रोजन गैस का रिसाव बर्फ की फैक्ट्री से हो रहा था।

इस दौरान स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल था और लोग इधर से उधर भागने लगे लेकिन गैस के रिसाव से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मौके पर पटना पुलिस की टीम और कई आला अधिकारी काम कर रहे हैं और फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ केस दर्ज की आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।

विशाखापट्टनम गैस लीक मामले में बड़ी कार्रवाई
विशाखापट्टनम के एलजी पॉलिमर्स कंपनी के प्लांट में गैस लीक के मामले में को कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने कंपनी के सीईओ, टेक्निकल डायरेक्टर समेत 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

गौरतलब है कि 7 मई को विशाखापट्टनम के एलजी पॉलिमर्स कंपनी के एक प्लांट में गैस लीक हो गई थी। इस गैस लीक के कारण 11 लोगों की जान चली गई थी। यह हादसा इतना बड़ा था कि गैस की चपेट में आकर लोग सड़क पर ही बेहोश होकर गिरने लगे थे।

कई घंटों के बाद गैस रिसाव पर काबू पाया गया था। फैक्ट्री के आस-पास स्थित गांवों से 3 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया था। विशाखापट्टनम नगर निगम के कमिश्नर श्रीजना गुम्मल्ला के मुताबिक रिसाव 7 मई को तड़के सुबह 2.30 बजे शुरू हुई।

विशाखापट्टनम के एलजी पॉलिमर्स कंपनी के प्लांट में गैस लीक के मामले में मंगलवार को कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने कंपनी के सीईओ, टेक्निकल डायरेक्टर समेत 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

गौरतलब है कि 7 मई को विशाखापट्टनम के एलजी पॉलिमर्स कंपनी के एक प्लांट में गैस लीक हो गई थी। इस गैस लीक के कारण 11 लोगों की जान चली गई थी। यह हादसा इतना बड़ा था कि गैस की चपेट में आकर लोग सड़क पर ही बेहोश होकर गिरने लगे थे।

कई घंटों के बाद गैस रिसाव पर काबू पाया गया था। फैक्ट्री के आस-पास स्थित गांवों से 3 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया था। विशाखापट्टनम नगर निगम के कमिश्नर श्रीजना गुम्मल्ला के मुताबिक रिसाव 7 मई को तड़के सुबह 2.30 बजे शुरू हुई।

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