क्यों भरा जाता है मांग में सिंदूर? कारण जान हो जाओगे हैरान

शादी के दिन दुल्हन की मांग में सिंदूर भरा जाता है, जो उसके सुहागन होने की निशानी बनता है। ताउम्र महिलाएं इसे अपनी मांग में सजाती हैं। कुछ परंपरा के कारण, तो कुछ उस विश्वास के कारण कि ऐसा करना उनकी पति की उम्र को लंबी कर देगा। हालांकि, इसके पीछे कुछ ऐसे कारण भी हैं, जो विज्ञान, वास्तु और ज्योतिष शास्त्र से भी जुड़े हुए हैं। इन कारणों के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं।

वैज्ञानिक कारण
सिंदूर सिर्फ परंपरा का हिस्सा ही नहीं बल्कि यह महिला की सेहत पर भी असर डालता है। साइंस की मानें, तो सिंदूर चूंकि हल्दी और लाइम से बनता है, इस वजह से इससे स्ट्रेस और स्ट्रेन को कम करने में मदद मिलती है। यह दिमाग को ज्यादा ऐक्टिव और अलर्ट रहने में भी मदद करता है। यह ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल में रखने में सहायता करता है।

एकाग्रता बढ़ाना
हल्दी से बनने वाला सिंदूर कई दोषों को दूर करता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है और चित्त को एक जगह रखने में सहायता मिलती है। ऐसा होने पर काम को ज्यादा ध्यानपूर्वक और बेहतर तरीके से करने में भी मदद मिलती है।

पुराणशास्र के मुताबिक
एक महिला तब तक सिंदूर लगाती है, जब तक उसका पति जीवित रहता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के मुताबिक, माता पार्वती न सिर्फ सिंदूर लगाने वाली महिलाओं के पति की रक्षा करती हैं, बल्कि वह आसपास मंडरा रही बुरी शक्तियों को भी दूर रखती हैं।

अच्छे भाग्य के लिए
लाल रंग को काफी शुभ माना जाता है। कई अन्य देशों में भी इस कलर को अच्छी किस्मत का प्रतीक माना जाता है। सुहागन का मांग में सिंदूर लगाना भी भाग्य को बढ़ाता है और उसके वैवाहिक जीवन को सुखी बनाता है। कहा जाता है कि महिला की यह सकारात्मक ऊर्जा उसके पति पर भी असर डालती है और उसे भी भाग्यशाली और सेहतमंद रहने में मदद करती है।

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