आखिर क्या होती है काला पानी सजा, नाम सुनकर ही चौंक जाते है कैदी

जयपुर: आमतौर पर देखते है कि जब भी कोई जुर्म करता है तो वो सजा का भोगी होता है। लेकिन कानून में हर अपराध की अलग सजा का प्रावधान है।लेकिन क्या आपको पता काला पानी की सजा किसको दी जाती है औऱ यै केसी होती है। चलिए आज हम आपको बताते है कि आखिर क्यों दी जाती है काला पानी की सजा और कैसी होती है।कालापानी’ का काला इतिहास: जानकर सिहर उठेंगे आपदेश की आजादी से पहले स्वत्रंता सैनानियों को काला पानी की ही सजा दी जाती थी। जेल के अंदर उन पर जमकर जुल्‍म ढाया जाता था और यातनाएं दी जाती थी। इसी कारण इसे ‘काला पानी’ कहा जाता था। जानकारों के अनुसार बताया जाता है कियहां की जेल में कैदियों के कमरे बहुत छोटे होते थे।

बंदियों को केवल साढ़े चार मीटर लंबे और तीन मीटर चौड़े कमरों में रखा जाता था। यहां कितने सेनानियों को फांसी की सजा दी गई, इसका रिकॉर्ड जेल के रिकार्ड में मौजूद नहीं है। लेकिन अंग्रेजी सत्‍ता का विरोध करने वाले हजारों सेनानियों को यहां लाकर फांसी दे दी गई। तोपों के मुंह पर बांधकर उन्हें उड़ा दिया जाता था।सेल्यूलर जेल या काला पानी जेल की सजा इतनी खतरनाक क्यों थी?
कई ऐसे भी थे जिन्हें तिल-तिलकर मारा जाता था। इसके लिए अंग्रेजों के पास सेल्युलर जेल का अस्त्र था। यह शब्द भारत में सबसे बड़ी और बुरी सजा के लिए एक मुहावरा बना हुआ है। बता दें कि इस जेल में कुल 698 कोठरियां थीं। एक कोठरी का कैदी दूसरी कोठरी के कैदी से कोई संपर्क नहीं रख सकता था।

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