सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, लड़कियों और सेक्सवर्धक दवाओं से भरी हुई थी गाड़ी, अंदर का नजारा देख चौकी पुलिस

प्रतिकात्मक चित्र

देहरादून। देहरादून में देह व्यापार का भंडाफोड़ कर पुलिस ने ब्रोकर समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें ग्राहक भी शामिल हैं। इनके कब्जे से हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी बंगाल की छह पीड़िताओं को मुक्त कराया गया है। पुलिस ने दावा किया कि इस काले धंधे को सरगना अमित उर्फ नितिन दिल्ली से संचालित करता था और पीड़िताओं को सीधे होटल और गेस्टहाउस में छोड़कर आता था।

पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे के मुताबिक राजधानी के होटलों में देह व्यापार की शिकायत पर एसओ राजपुर अशोक राठौड़ के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। इसमें एंटी ह्रयूमन ट्रैफिकिंग से जुड़े पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया है। मंगलवार देर रात 11 बजे किशनपुर चेकपोस्ट पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो कारें रोकी। पूछताछ पर चालक और इसमें बैठे लोग सही जानकारी नहीं दे पाए। इस पर पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही इनके कब्जे से छह लड़कियां मुक्त कराई।

बातचीत की कई रिकार्डिंग और सैक्सवर्धक कैप्सूल बरामद
कार की तलाशी में सैक्सवर्धक कैप्सूल, टेबलेट आदि बरामद की गई हैं। एसपी सिटी चौबे ने बताया कि मोबाइल चेकिंग के दौरान व्हाट्सएप पर कई लड़कियों की तस्वीरें मिली हैं। ग्राहकों से हुई बातचीत की कई रिकार्डिंग बरामद की हैं। मोबाइल में कई तरह का अश्लील साहित्य और तस्वीरें भी मिली हैं। पीड़िताओं ने बताया कि उन्हें दिल्ली से लाया गया है। दिल्ली निवासी अमित उर्फ नितिन उन्हें देहरादून भेजने का काम करता है। मजबूरी में उनसे यह धंधा कराया जा रहा है। मुक्त लड़कियों का मेडिकल परीक्षण कराकर मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज करा लिए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में हबीब अहमद उर्फ सागर (निवासी जलपाईगुड़ी, पश्चिमी बंगाल), सोनू कुमार (निवासी बिहार), राशिद (निवासी खुब्बापुर, मुजफ्फरनगर), रवि कुमार (निवासी शिमला बाईपास, देहरादून), रवि कुमार (निवासी पटेलनगर, देहरादून), हरविंदर पाल सिंह, (निवासी खन्ना, लुधियाना), राहुल ठाकुर (निवासी पटेलनगर, देहरादून) और रफाकत (निवासी शास्त्रीनगर, देहरादून) शामिल हैं। लोकल स्तर पर गोरखधंधे की कमान हवीब उर्फ सागर (निवासी जलपाई गुडी, पश्चिमी बंगाल) अपने साथियों के साथ संभालता था।

गर्लफ्रेंड को धंधे से निकालना चाहता था हवीब, खुद ही करने लगा ये काम
एसओ राजपुर अशोक राठौड़ ने बताया कि 10वीं पास हवीब अपनी गर्लफ्रेंड के माध्यम से सरगना अमित के संपर्क में आया था। हवीब गर्लफ्रेंड को इस धंधे से निकालने चाहता था, लेकिन वह स्वयं पैसे के लालच में इस धंधे में उतर गया। आरोपी अब तक करीब 20 लड़कियों को दून बुला चुका है।

एक लड़की को यह लोग 10 दिन से ऊपर एक शहर में नहीं रखते। ग्राहकों से चार से 10 हजार रुपये प्रति नाइट वसूलते थे। उधर, पीड़िताओं से बातचीत में पता चला कि संचालक 75 प्रतिशत रकम का हिस्सेदार होता है, जबकि 25 प्रतिशत रकम उन्हें मिलती है। पहले उन्हें अच्छी कंपनी में नौकरी का झांसा देकर बुलाया जाता था। बाद में उन्हें देह व्यापार के धंधे में उतार दिया जाता था। नेटवर्क से जुड़े लोग उन्हें ग्राहक से बातचीत कर होटल आदि में छोड़कर आते थे।

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