सीट के नीचे घुसा था कोबरा, बार-बार बंद हो रही थी बाइक, झांका तो उड गये होश

इंदौर. काम करने के लिए जंगल में गए दो कारीगर जब बाइक से वापस लौटे तो उन्हें 20 किलोमीटर गाड़ी चलाने के बाद कुछ अजीब सा लगा. गाड़ी खड़ी करके जब देखा तो सीट के अंदर कोबरा सांप फुस्कार मार रहा था. डर के मारे दोनों बाइक सवार गाड़ी लॉक कर वहां से भाग निकले.

इंदौर शहर में रहने वाले दो व्यक्ति काम के सिलसिले में  इंदौर से सिमरोल गए थे. मोटर पंप का काम करने वाले यह कारीगर सिमरोल के जंगलों में काम के लिए गए थे.

काम पूरा करने के बाद वह इंदौर वापस लौट रहे थे. वापस लौटते में 20 किलोमीटर का सफर भी तय कर लिया था, तभी उन्हें कुछ गड़बड़ लगी और मोटरसाइकिल एक तरफ खड़ी कर दी.

गाड़ी खड़ी करने के बाद मालूम पड़ा कि मोटरसाइकिल में एक सांप घुसा हुआ है और यह सांप मोटरसाइकिल की सीट के नीचे था.

जिस सीट पर बैठकर दोनों व्यक्तियों ने 20 किलोमीटर का सफर तय किया था उसी सीट के नीचे सांप को देखने के बाद दोनों बाइक सवार वहां से भाग गए.

इस नजारे को देखने वालों ने तुरंत कंट्रोल रूम को खबर कर सांप की सूचना दी जिसके बाद सपेरे की काफी कोशिश बाद सांप को पकड़ा गया.

पकड़ने के बाद यह पता चला कि यह कोबरा प्रजाति का जहरीला सांप है. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सपेरे ने उसे पकड़ा लेकिन कोबरा इतनी आसानी से कैसे कैद में कैसे आ जाता? सपेरे के पकड़ने के बाद एक बार फिर सांप डिब्बे में से बाहर निकल गया.

सपेरे ने जैसे-तैसे कर उसको डिब्बे में बंद किया. मोटरसाइकिल वाले इस घटना से इतना डर गए कि मोटरसाइकिल को लॉक कर वहां से भाग गए.

वहां मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी कैलाश ने बताया कि ये लोग जंगल गये थे. वापस आये तो पता चला कि बाइक में सांप घुस गया है. बड़ी मुश्किल से बाइक से सांप को निकाला गया. ये कोबरा प्रजाति का 5 फीट लंबा सांप था. इनके नसीब अच्छे थे जो बच गए.

एक दूसरे प्रत्यक्षदर्शी शादिक मंसूरी ने बताया कि इन लोगों की गाड़ी बार-बार बंद हो रही थी. इनको लगा कि गाड़ी में कुछ है. जब गाड़ी में सांप को देखा तो दोनों बाइक सवार वहां से भाग गए. वो इतना डर गये थे कि एक पल भी नहीं रुके. फिर हमने कंट्रोल रूम में फ़ोन किया और सपेरे को बुलाया. बड़ी मुश्किल से कोबरा सांप को बाइसक से बाहर निकाल कर पकड़ा गया.

loading…