मुस्लिम महिलाओं को पकड-पकडकर चीनी जबरन कर रहे ये काम, जानकर हिल जायेंगे आप

पेइचिंग। भारत, ताइवान, जापान से लेकर अमेरिका तक हर किसी के साथ टकराव की स्थिति पैदा करने वाला चीन अपने देश के नागरिकों को भी चैन से जीने नहीं दे रहा। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार देश में मुस्लिम आबादी पर अंकुश लगाने के लिए अब कठोरता पर उतर आई है। एक ओर जहां उइगर और दूसरे अल्पसंख्यकों के बीच जन्म दर को घटाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं देश के हान बहुसंख्यकों को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सरकारी आंकड़ों, राज्य के दस्तावेजों और निरोध केंद्र में पहले रखे गए 30 लोगों, उनके परिवार के सदस्यों और निरोध केंद्र के पूर्व प्रबंधक के इंटरव्यू पर आधारित एक पड़ताल के मुताबिक पहले कभी-कभार ही कोई महिला जबरन गर्भनिरोध के बारे में बोलती थी लेकिन यह चलन पहले के मुकाबले ज्यादा बड़े पैमाने पर और सुनियोजित तरीके से शुरू हो चुका है।

शिनजियांग के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र में पिछले चार साल से चलाए जा रहे अभियान को कुछ विशेषज्ञ एक तरह से ‘जनसांख्यिकीय नरसंरहार’ करार दे रहे हैं। इंटरव्यू और आंकड़े दिखाते हैं कि यह प्रांत अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को नियमित तौर पर गर्भावस्था जांच कराने को कहता है, उन्हें अंतर्गर्भाशयी उपकरण (Intrauterine Device, IUD) लगवाने के अलावा नसबंदी करवाने और लाखों महिलाओं को गर्भपात कराने के लिए भी मजबूर करता है।

देश भर में जहां IUD के इस्तेमाल और नसबंदी में गिरावट आई है वहीं शिनजियांग में ये तेजी से बढ़ रहे हैं। जनसंख्या नियंत्रण के इन उपायों पर जोर बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लेकर दिया जाता है। निरोध केंद्र में भेजे जाने को धमकी के साथ ही जन्म दर पर काबू करने में विफल रहने पर दी जाने वाली सजा का इसके लिए इस्तेमाल किया जाता है।

जांच में पाया गया कि ज्यादा बच्चे होना निरोध केंद्रों में लोगों को भेजे जाने का बड़ा कारण है जहां तीन या उससे ज्यादा बच्चों के मां-बाप को उनके परिवार से तब तक अलग रखा जाता है जब तक कि वे बड़ा जुर्माना नहीं भर देते। पुलिस छिपे हुए बच्चों की तलाश के लिए घरों पर छापे मारती है। डरे हुए मां-बाप को चेतावनी देती है कि दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने की वजह से जुर्माना नहीं देने पर उन्हें निरोध केंद्रों में भेज दिया जाएगा। सरकार कई माओं को दूसरे या तीसरे बच्चे के जन्म के बाद आईयूडी लगवाने का आदेश देती है।

अमेरिका की प्रतिनिधि सभा उइगर मुस्लिमों का उत्पीड़न करने के जिम्मेदार चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून को भारी बहुमत से मंजूरी दे चुकी है। सीनेट ने इस बिल को सर्वसम्मति से पास किया था जिससे मानवाधिकारों का हनन करने पर चीन पर प्रतिबंध लगाया जा सके। चीन में हुई 2003 की जनगणना में उइगुरों की आबादी करीब 90 लाख बताई गई थी जबकि अनाधिकारिक अनुमान में उनकी आबादी उससे भी ज्यादा है। उइगुर चीन के 55 अल्पसंख्यक समुदायों में से पांचवां सबसे बड़ा समुदाय है।