बुलडोजर से गलवान नदी को प्रभावित कर रहा चीन, सामने आई सैटेलाइट तस्वीर

नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारत और चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प से ये साफ हो गया है कि चीन काफी समय से भारतीय सैनिकों (Indian Army) से बदला लेने की योजना बना रहा था. चीन से जारी विवाद के बीच अब कुछ सैटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें चीन उत्तर पूर्वी लद्दाख में गलवान नदी के बहाव को प्रभावित करने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है. बताया जाता है कि चीन के बुलडोजर ​दिन रात इसी काम में लगे हुए हैं. चीन जिस जगह पर गलवान नदी का बहाव बदलने की कोशिश कर रहा है वह हिंसक झड़प वाले इलाके से महज चंद मीटर की दूरी पर है.

Planet Lab Inc की ओर से जारी की गई तस्वीरों में दिखाई दे रहा है कि चीन के बुलडोजर वास्तविक नियंत्रण रेखा में लगातार काम कर रहे हैं. इन बुलडोजर के इस्तेमाल से नदी के बहाव में तेजी से असर देखा जा रहा है. सैटेलाइट तस्वीरों में गलवान नदी के किनारे चीन ने काफी सारे ट्रक, सैन्य परिवहन और बुलडोजर दिखाई दे रहे हैं. यहां तक कि चीनी वाहन नियंत्रण रेखा के 5 किलोमीटर से अधिक के दायरे में रखे दिखाई दे रहे हैं.

बता दें कि पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच झड़प के मद्देनजर चीन के साथ लगी करीब 3,500 किलोमीटर की सीमा पर भारतीय थल सेना और वायु सेना को हाई अलर्ट कर दिया गया. गलवान घाटी में सोमवार की रात चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए, ज​बकि 76 सैनिक घायल हुए थे.

सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने भी अग्रिम मोर्चे वाले अपने सभी ठिकानों पर अलर्ट बढ़ाते हुए एलएसी पर नजर रखने को कहा है. सूत्रों ने बताया कि चीनी नौसेना को कड़ा संदेश देने के लिए भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती बढ़ा रही है. सूत्रों ने बताया कि सशस्त्र बल चीनी सेना की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का दृढ़ता के साथ जवाब देंगे.

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