गांव को कोरोना से बचाने को लडकी ने जीभ काटकर शिव मंदिर में चढ़ाई

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से आस्था और अंधविश्वास से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कोरोनावायरस के संक्रमण से गांव को बचाने के लिए एक 16 साल की किशोरी ने कथित रूप से अपनी जीभ काटकर शिव मंदिर में चढ़ा दी है।

अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) लाल भरत कुमार पाल ने शुक्रवार को बताया, “16 साल की एक लड़की द्वारा अपनी जीभ काटकर शिव मंदिर में चढ़ा देने की घटना बुधवार शाम भदावल गांव की है। ग्रामीणों से मिली सूचना के तुरन्त बाद मौके पर पहुंची बदौसा थाने की पुलिस एंबुलेंस के जरिए लड़की को बेहोशी हालत में सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया था और अब लड़की ठीक होकर अपने घर जा चुकी है।”

जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने बताया, “बुधवार देर रात जीभ काटने वाली लड़की को पुलिस यहां लेकर आई थी। तबियत ठीक होने पर उसे गुरुवार शाम यहां से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

लड़की के पिता सौखीलाल आरख ने बताया कि उनकी लड़की आठवीं कक्षा में गांव में ही पढ़ती है और पिछले चार साल से बस्ती से कुछ दूरी पर बने शिव मंदिर में रोजाना सुबह-शाम पूजा करती रही है। बुधवार शाम भी वह अकेले मंदिर में पूजा करने गई थी। जब काफी देर तक घर नहीं लौटी तो मंदिर जाकर पता किया गया, जहां वह बेहोशी हालत में खून से सनी पड़ी थी।

सौखीलाल ने बताया कि पहले तो बेटी के साथ अनहोनी होने की आशंका हुई, लेकिन जब शिव लिंग के पास उसकी कटी जीभ पड़ी देखी तो पुलिस को सूचना दी गई और अस्पताल में भर्ती करवाया। पिता ने बताया कि लड़की की तबीयत अब ठीक है, और अब वह कहती है कि गांव को कोरोना बीमारी से बचाने के लिए उसने शिव जी के मंदिर अपनी जीभ चढ़ाने की मन्नत मानी थी।

भदावल गांव के ग्राम प्रधान रामेंद्र कुमार वर्मा ने बताया, “गांव के विद्यालय में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 वर्षीय लड़की गांवों में फैल रहे कोरोनावायरस को लेकर पिछले कुछ दिनों से काफी भयभीत थी और इसे रोकने के लिए अक्सर अपने परिजनों से देवी-देवताओं की पूजा करने की बात किया करती थी।”

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