गहलोत ने मोदी सरकार के इन 2 मंत्रियों पर लगाया बेहद संगीन आरोप, नाम जान होंगे हैरान

जैसलमेर/जयपुर। राजस्थान में जारी राजनीतिक उठापटक (Rajasthan Political Crisis) के बीच बयानबाजी का दौर भी लगातार जारी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) अपनी सरकार को बचाने के लिए लगातार कोशिश में जुटे हुए हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने समर्थक विधायकों को जयपुर से जैसलमेर शिफ्ट कर दिया। इस बीच शनिवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से अपील करते हुए कहा कि राजस्थान में चल रहे इस ‘तमाशे’ को बंद करवाएं। साथ ही गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल समेत कई बड़े नाम हैं, जो कथित तौर पर गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ गुपचुप तरीके से हॉर्स ट्रेडिंग की साजिश में शामिल हैं।

शेखावत के साथ धर्मेंद्र प्रधान-पीयूष गोयल पर गहलोत का निशाना
अशोक गहलोत ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि राजस्थान में जो कुछ भी तमाशा हो रहा है उसे बंद कराएं। इस साजिश में गजेंद्र सिंह शेखावत की भागीदारी अब पता चल चुकी है, ऐसे में उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके साथ-साथ इसमें धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल जैसे कई अन्य लोग गुप्त रूप से शामिल हैं। हम यह जानते हैं लेकिन हम परेशान नहीं हैं। हम तो लोकतंत्र की परवाह कर रहे हैं।’

बागियों की वापसी को लेकर गहलोत ने कही ये बड़ी बात
बीजेपी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर से बगावती सुर अख्तियार करने वाले सचिन पायलट खेमे को लेकर कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व चाहता है तो वो उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। गहलोत ने ये बातें जैसलमेर से जयपुर रवाना होने से ठीक पहले कही। उन्होंने कहा कि मुझ पर कोई दबाव नहीं है। पार्टी ने मुझ पर भरोसा किया है और मुझे बहुत कुछ दिया है। मैं तीन बार केंद्रीय मंत्री, तीन बार एआईसीसी महासचिव, तीन बार पीसीसी प्रमुख और तीन बार मुख्यमंत्री बना। अब मैं और क्या चाहूंगा?

‘कांग्रेस हाईकमान जो फैसला करे, मुझे आपत्ति नहीं’
सीएम गहलोत ने कहा कि मैं जो कुछ भी कर रहा हूं वह सार्वजनिक सेवा के लिए है। कांग्रेस हाईकमान जो भी फैसला करता है, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या वह देर से आक्रामक नहीं हुए, गहलोत ने कहा, ‘मैं आक्रामक कहां हूं? मैं प्यार और स्नेह से बात करता हूं… मैं मुस्कुराता रहता हूं क्योंकि वह भगवान का उपहार है।’

हमारी लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की है: गहलोत
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लड़ाई किसी से नहीं है, हमारी लड़ाई विचारधारा, नीतियों और कार्यक्रमों की लड़ाई है… लड़ाई यह नहीं होती कि आप चुनी हुई सरकार को गिरा दें। हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, हमारी लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की है। गहलोत ने कहा कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में दूसरी बार जनता ने मौका दिया जो बड़ी बात है। उन्हें चाहिए कि राजस्थान में जो कुछ तमाशा हो रहा है उसे बंद करवाएं। हॉर्स ट्रेडिंग के रेट बढ़ गए हैं। जैसे ही विधानसभा सत्र की घोषणा हुई, इन्होंने और रेट बढ़ा दिए।

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